Infosys के को-फाउंडर N.R. Narayana Murthy का फैमिली ऑफिस, Catamaran, अब टेक्नोलॉजी स्टार्टअप्स से हटकर मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर पर बड़ा दांव लगाने की तैयारी में है। कंपनी सालाना **₹50 करोड़** से लेकर **₹250 करोड़** तक का निवेश एयरोस्पेस और इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे सेक्टर्स में करेगी।
मैन्युफैक्चरिंग पर नया फोकस
Catamaran अब अपनी इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजी को पूरी तरह बदल रही है। कंपनी के प्रेसिडेंट दीपक पदाकी के नेतृत्व में, यह फर्म अब अर्ली-स्टेज टेक स्टार्टअप्स के बजाय उन मैच्योर बिजनेस पर ध्यान केंद्रित कर रही है, जिन्होंने पहले ही मार्केट में अपनी जगह बना ली है।
किन सेक्टर्स पर नजर?
कंपनी का लक्ष्य उन सेक्टर्स को सपोर्ट करना है जो भारत की ग्लोबल कॉम्पिटिटिवनेस को बढ़ा सकते हैं। इनमें एयरोस्पेस, इलेक्ट्रिक व्हीकल कंपोनेंट्स, हाई-एंड इलेक्ट्रॉनिक्स और मेडिकल डिवाइसेस शामिल हैं। Catamaran हर साल 3 से 4 डील करने की योजना बना रही है, जिसका उद्देश्य भारत में इंपोर्ट को कम करना और एक्सपोर्ट कैपेबिलिटी को बढ़ाना है।
ग्लोबल पार्टनरशिप और लंबी अवधि का विजन
Catamaran सिर्फ कैपिटल नहीं, बल्कि ग्लोबल पार्टनरशिप भी लेकर आ रही है। वे भारतीय कंपनियों को जापान, दक्षिण कोरिया, ताइवान और वियतनाम के मिड-मार्केट मैन्युफैक्चरर्स से जोड़ेंगे ताकि विदेशी टेक्नोलॉजी को भारत लाया जा सके। पारंपरिक वेंचर कैपिटल फंड्स के उलट, Catamaran इन निवेशों को लंबे समय के लिए होल्ड करेगी, जिसका लक्ष्य 20% तक का रिटर्न हासिल करना है।
रिस्क और चुनौतियां
मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में निवेश सॉफ्टवेयर की तुलना में काफी अलग और चुनौतीपूर्ण है। इसमें जमीन, मशीनरी और लॉजिस्टिक्स के लिए भारी-भरकम पूंजी की जरूरत होती है। कंपनी ने साफ किया है कि इस पूरी स्ट्रैटेजी में सबसे बड़ा रिस्क 'एग्जीक्यूशन रिस्क' है, क्योंकि यह जटिल सप्लाई चेन और बड़े पैमाने पर इंडस्ट्रियल ऑपरेशंस पर निर्भर करता है।
