Castrol India के सितंबर तिमाही के नतीजे निराशाजनक रहे हैं। कच्चा माल महंगा होने से नेट प्रॉफिट **23%** गिरकर **₹176.37 करोड़** पर आ गया है, जबकि कंपनी पर BP की हिस्सेदारी बिकने और Stonepeak के ओपन ऑफर का असर भी साफ दिख रहा है।
सितंबर 2026 की तिमाही में Castrol India का नेट प्रॉफिट पिछले साल के ₹227.80 करोड़ से घटकर ₹176.37 करोड़ रह गया है। हालांकि रेवेन्यू में 27.3% की बढ़त देखी गई और यह ₹1,734.72 करोड़ तक पहुंच गया, लेकिन मुनाफे पर कच्चे माल की बढ़ती कीमतों का भारी दबाव दिखा है।
मार्जिन पर दबाव का असर
लुब्रिकेंट सेक्टर में कच्चे माल (बेस ऑयल) की कीमतों में तेजी बनी हुई है। कंपनी के रॉ और पैकिंग मटेरियल का खर्च कुल रेवेन्यू का 62.6% हो गया है, जो पिछले साल इसी दौरान 46.7% था। इसका सीधा असर EBITDA मार्जिन पर पड़ा, जो 860 बेसिस पॉइंट्स गिरकर 15.1% पर सिमट गया है। मैनेजमेंट ने पहले ही चेतावनी दी थी कि कम कीमत वाली इन्वेंट्री खत्म होने से मार्जिन पर दबाव बढ़ेगा।
ओनरशिप में बदलाव और ओपन ऑफर
इस बीच, बड़ी कॉर्पोरेट हलचल के तहत BP अपनी ग्लोबल लुब्रिकेंट बिजनेस इकाई को $10 बिलियन में निवेश फर्म Stonepeak को बेच रही है। Stonepeak के पास भारतीय बिजनेस का अप्रत्यक्ष नियंत्रण आने के कारण, कंपनी को ₹194.04 प्रति शेयर की दर से 26% हिस्सेदारी के लिए अनिवार्य ओपन ऑफर लाना पड़ा है।
कंपनी के पास देश भर में 1.67 लाख से ज्यादा आउटलेट्स का मजबूत नेटवर्क जरूर है, लेकिन फिलहाल बाजार की नजरें रेगुलेटरी अप्रूवल और ओपन ऑफर की प्रक्रिया पर टिकी हैं। निवेशकों के लिए आगे मार्जिन को स्थिर करना और बढ़ती लागतों को मैनेज करना कंपनी की सबसे बड़ी चुनौती बनी रहेगी।
