यूज्ड-कार मार्केट की दिग्गज कंपनी Cars24 ने जबरदस्त रफ्तार पकड़ी है। कंपनी का एनुअलाइज्ड ग्रॉस मर्चेंडाइज वैल्यू (GMV) **₹11,000 करोड़** के स्तर पर पहुंच गया है, जिसके पीछे कंपनी की लेंडिंग सर्विस और AI का बड़ा हाथ है।
मुनाफे का नया फॉर्मूला: लेंडिंग और AI
Cars24 का बिजनेस मॉडल अब सिर्फ पुरानी कारें बेचने तक सीमित नहीं रहा है। कंपनी ने अपनी लेंडिंग आर्म को तेजी से स्केल किया है। अगस्त के महीने में कंपनी ने ₹415 करोड़ के लोन बांटे, जो पिछले साल के मुकाबले 70% ज्यादा है। इसका एनुअलाइज्ड डिस्बर्समेंट रन रेट अब ₹5,000 करोड़ पहुंच गया है, जो कंपनी के मार्जिन को मजबूत कर रहा है।
साथ ही, कंपनी ने अपने ऑपरेशंस में AI का धड़ल्ले से इस्तेमाल शुरू किया है। कोडिंग से लेकर ऑपरेशनल माइक्रो-एजेंट्स तक, नई टेक्नोलॉजी की वजह से प्रति कर्मचारी रेवेन्यू में 52.3% का उछाल दर्ज किया गया है। इससे कंपनी बढ़ते हुए भी अपने खर्चों को कंट्रोल में रखने में सफल रही है।
बाजार की चुनौतियां और रिस्क
सब कुछ इतना आसान नहीं है। कोर यूज्ड-कार बिजनेस पिछले दो फाइनेंशियल ईयर से रेवेन्यू के मोर्चे पर मुश्किलों का सामना कर रहा है। लेंडिंग बिजनेस का विस्तार जहां कमाई का जरिया है, वहीं इसके साथ क्रेडिट रिस्क और डिफॉल्ट का खतरा भी बढ़ जाता है।
इसके अलावा, यूज्ड-कार सेगमेंट में तगड़ा कॉम्पिटिशन है, जिसके लिए कंपनी को मार्केट शेयर बनाए रखने के लिए लगातार भारी निवेश करना पड़ रहा है। आने वाले समय में कंपनी की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि वह अपने लोन बुक की क्वालिटी कैसे मेंटेन करती है और भारतीय बाजार में अपनी ग्रोथ को वापस कैसे पटरी पर लाती है।
