📉 नतीजों का गहरा विश्लेषण
Capital Infra Trust (पहले National Infrastructure Trust) ने 31 दिसंबर, 2025 को समाप्त तिमाही और नौ महीनों के लिए अपने अनऑडिटेड फाइनेंशियल रिजल्ट्स जारी किए हैं। यह तिमाही कंपनी के लिए काफी चुनौतीपूर्ण रही, जिसमें प्रॉफिटेबिलिटी में भारी गिरावट और डेट सर्विसिंग क्षमताओं में गंभीर गिरावट देखी गई।
मुख्य वित्तीय आंकड़े:
- Q3 FY26 प्रदर्शन: कंसोलिडेटेड बेस पर, रेवेन्यू फ्रॉम ऑपरेशंस में पिछले साल की तुलना में 0.6% की मामूली गिरावट आई और यह ₹1,777.19 मिलियन रहा। हालांकि, प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) में भारी 86.4% की गिरावट देखी गई, जो ₹791.22 मिलियन से घटकर ₹107.58 मिलियन रह गया। इससे अर्निंग्स पर यूनिट (EPU) ₹2.85 से गिरकर ₹0.33 पर आ गई।
- मार्जिन में भारी सिकुड़न: कंसोलिडेटेड EBITDA मार्जिन Q3 FY25 के 75.57% से घटकर Q3 FY26 में चिंताजनक 26.92% पर आ गया। इसी तरह, नेट प्रॉफिट मार्जिन 43.87% से घटकर 6.05% हो गया।
- स्टैंडअलोन नतीजों का असर: स्टैंडअलोन PAT में 52.3% की गिरावट आई और यह ₹357.08 मिलियन रहा। इस पर ₹496.11 मिलियन के एक बड़े इम्पेयरमेंट लॉस (Impairment Loss) का खास असर पड़ा। स्टैंडअलोन रेवेन्यू में 25.6% की मजबूत ग्रोथ देखी गई और यह ₹1,278.15 मिलियन रहा, लेकिन EPU ₹2.73 से गिरकर ₹1.11 रह गया।
- नौ महीनों का प्रदर्शन: कंसोलिडेटेड बेस पर, नौ महीनों (9M FY26) में रेवेन्यू में 242.8% की शानदार ग्रोथ दर्ज हुई और यह ₹5,451.97 मिलियन पर पहुंच गया। इसके अलावा, Trust ने 9M FY25 में ₹373.10 मिलियन के नेट लॉस से उबरकर 31 दिसंबर, 2025 को समाप्त अवधि के लिए ₹154.68 मिलियन का प्रॉफिट दर्ज किया।
वित्तीय सेहत और चिंताएं
Trust की वित्तीय सेहत फिलहाल गंभीर चिंता का विषय है, खासकर प्रॉफिटेबिलिटी में आई भारी गिरावट और डेट सर्विसिंग मेट्रिक्स के बिगड़ने को देखते हुए। हालांकि, पिछले फाइनेंशियल ईयर में ₹16,494.60 मिलियन में 9 SPVs और Q3 FY26 में ₹4,383.82 मिलियन में 3 SPVs जैसी संपत्तियों के अधिग्रहण से InvIT Assets की वैल्यू बढ़कर ₹64,583.63 मिलियन हो गई है, लेकिन इससे जुड़े कर्ज को चुकाने की क्षमता बड़ी चिंता है।
कंसोलिडेटेड नेट डेट टू एंटरप्राइज वैल्यू (EV) रेश्यो, जो पहले 49% और मार्च 2025 में 47.10% को पार कर गया था, उसे ₹4,200 मिलियन के NCD प्रीपेमेंट से वापस कम्प्लायंस थ्रेशोल्ड 43.34% तक लाया गया है। लेकिन यह अनुपात अभी भी ऊंचा है। सबसे बड़ी लाल झंडी डेट सर्विसिंग रेश्यो में है: डेट सर्विस कवरेज रेशियो (DSCR) गिरकर 0.23 (जो पहले 1.46 था) रह गया है, और इंटरेस्ट सर्विस कवरेज रेशियो (ISCR) 1.03 (जो पहले 2.98 था) पर आ गया है। ये आंकड़े चिंताजनक हैं और बताते हैं कि Trust अपनी ऑपरेशनल कैश फ्लो से कर्ज की देनदारियों को पूरा करने में संघर्ष कर रहा है।
₹12,500 मिलियन के QIP और ₹3,450.06 मिलियन के प्रेफरेंशियल इश्यू से फंड जुटाना और लिक्विडिटी मिलने व कर्ज में कमी आने के बावजूद, ऑपरेशनल प्रॉफिटेबिलिटी और कैश जनरेशन कमजोर बना हुआ है।
जोखिम और भविष्य का रुख
कंपनी के मैनेजमेंट ने भविष्य की कोई विशेष गाइडेंस नहीं दी है, बल्कि पिछली घटनाओं और कॉर्पोरेट एक्शन पर ध्यान केंद्रित किया। कंपनी द्वारा खुद बताए गए प्राथमिक वित्तीय जोखिम में नेट डेट टू EV रेशियो का पिछला उल्लंघन शामिल है, जिसे ठीक तो कर लिया गया है, लेकिन यह कंपनी की लेवरेज पोजीशन की संवेदनशीलता को दर्शाता है।
गंभीर रूप से कम DSCR और ISCR रेश्यो सबसे बड़े तत्काल जोखिम हैं, जो भविष्य के डिस्ट्रिब्यूशन्स (Distributions) और आगे कर्ज जुटाने की क्षमता को प्रभावित कर सकते हैं। निवेशक बारीकी से इस बात पर नजर रखेंगे कि Trust अपने कर्ज की देनदारियों का प्रबंधन कैसे करता है और आने वाली तिमाहियों में ऑपरेशनल प्रॉफिटेबिलिटी में सुधार कैसे लाता है।
हाल ही में CEO के बदलाव से भी चीजें थोड़ी जटिल हो गई हैं, जिसमें मिस्टर मनीष कुमार सतनालिया ने इस्तीफा दे दिया और मिस्टर हरे कृष्णा 1 दिसंबर, 2025 से प्रभावी हुए हैं। यह बदलाव वर्तमान वित्तीय दबावों के साथ ऑपरेशनल ट्रांजिशन का एक अतिरिक्त स्तर जोड़ता है।
