Camlin Fine Sciences के नतीजों ने निवेशकों को निराश किया है। कंपनी ने Q2 में **₹29.7 करोड़** का घाटा दर्ज किया है, जिसके बाद शेयर **₹78.98** के अपने 52-वीक लो (Low) पर पहुंच गया। लिक्विडिटी सुधारने के लिए कंपनी **₹250 करोड़** का राइट्स इश्यू लाएगी।
बिगड़ता मार्जिन और बढ़ती चुनौतियां
Camlin Fine Sciences (CFS) के लिए मौजूदा तिमाही काफी चुनौतीपूर्ण रही है। 4 नवंबर, 2026 को कंपनी के नतीजों के बाद निवेशकों ने जमकर बिकवाली की, जिससे स्टॉक ₹78.98 के स्तर तक लुढ़क गया। कंपनी का नेट लॉस पिछले साल के ₹14.95 करोड़ से बढ़कर ₹29.7 करोड़ पर पहुंच गया है। हालांकि रेवेन्यू में 9.1% की ग्रोथ देखी गई और यह ₹4,914.65 मिलियन रहा, लेकिन ऑपरेटिंग मार्जिन में आई गिरावट ने सारा खेल बिगाड़ दिया। ऑपरेटिंग मार्जिन 7.91% से घटकर मात्र 0.45% रह गया है, जिसके लिए मैनेजमेंट ने कच्चे माल की बढ़ती कीमतों और ज्यादा फ्रेट खर्चों को जिम्मेदार ठहराया है।
फंड जुटाने की तैयारी
बैलेंस शीट को दुरुस्त करने और कर्ज का बोझ कम करने के लिए बोर्ड ने ₹250 करोड़ के राइट्स इश्यू (Rights Issue) को मंजूरी दे दी है। कंपनी का मकसद लिक्विडिटी की समस्या से निपटना और हाई-कॉस्ट फंडिंग पर निर्भरता कम करना है।
बिजनेस सेगमेंट का हाल
कंपनी के 'ब्लेंड्स' (Blends) बिजनेस में फूड और पेट फूड सेक्टर की डिमांड तो ठीक है, लेकिन 'अरोमा' (Aroma) बिजनेस बड़ी चिंता बना हुआ है। चीनी कंपनियों के सस्ते माल और भारी इन्वेंट्री के कारण इस सेगमेंट पर काफी प्राइसिंग प्रेशर है।
कंपनी का लक्ष्य चौथी तिमाही तक टर्नअराउंड का है, जहां रेवेन्यू ₹600 करोड़ के पार ले जाने की योजना है। अब निवेशकों की नजर इस बात पर होगी कि क्या मैनेजमेंट अपनी योजनाओं को समय पर लागू कर पाता है या नहीं।
