खेलों में ₹36,000 करोड़ का निवेश! सरकार ने बनाई 5 साल की बड़ी योजना, 2036 ओलंपिक पर नज़र

OTHER
Whalesbook Logo
AuthorNeha Patil|Published at:
खेलों में ₹36,000 करोड़ का निवेश! सरकार ने बनाई 5 साल की बड़ी योजना, 2036 ओलंपिक पर नज़र

केंद्रीय कैबिनेट ने अगले 5 सालों के लिए देश में खेलों के विकास पर **36,000 करोड़** रुपये खर्च करने की मंजूरी दे दी है। इस फैसले का मकसद जमीनी स्तर पर खिलाड़ियों को तैयार करना और भारत की **2036 ओलंपिक** बोली का समर्थन करना है।

₹36,000 करोड़ का बड़ा ऐलान

केंद्र सरकार ने अगले पांच सालों में भारत के खेल इकोसिस्टम को मजबूत करने के लिए 36,000 करोड़ रुपये के बड़े वित्तीय पैकेज को मंजूरी दे दी है। यह राशि खेलो इंडिया (Khelo India) कार्यक्रम के लिए पिछले फंड की तुलना में आठ गुना ज़्यादा है। यह सरकार की एक बड़ी पहल है जो पेशेवर और जमीनी स्तर के खिलाड़ियों को विकसित करने के तरीके को बदलेगी।

खेल आवंटन का विवरण

इस निवेश का सबसे बड़ा हिस्सा, करीब 29,054 करोड़ रुपये, सीधे खेलो इंडिया स्कीम के लिए है। इसका मकसद स्कूल स्तर पर ही प्रतिभा की पहचान कर भविष्य के एथलीटों की एक मजबूत पाइपलाइन तैयार करना है। वहीं, राष्ट्रीय खेल महासंघों (National Sports Federations) को लगभग 7,387 करोड़ रुपये मिलेंगे। इन पैसों का उपयोग आधुनिक कोचिंग, उच्च गुणवत्ता वाले खेल उपकरण और खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर का अनुभव दिलाने में किया जाएगा। इससे स्पोर्ट्स टेक्नोलॉजी, ट्रेनिंग इक्विपमेंट और फैसिलिटी मैनेजमेंट से जुड़ी कंपनियों के लिए अप्रत्यक्ष अवसर पैदा हो सकते हैं।

नई शिक्षा और इंफ्रास्ट्रक्चर पहल

इस रणनीति का एक अहम हिस्सा खेलो इंडिया फीडर स्कूल (Khelo India Feeder Schools) और उत्कृष्ट विद्यालयों (Utkrisht Vidyalayas) की शुरुआत के ज़रिए खेल को शिक्षा प्रणाली में एकीकृत करना है। स्कूलों में इस रास्ते को औपचारिक बनाकर, सरकार शुरुआती प्रतिभा की पहचान सुनिश्चित करना चाहती है। इसके साथ ही, एक एकीकृत डिजिटल स्पोर्ट्स प्लेटफॉर्म (unified digital sports platform) का विकास डेटा-संचालित गवर्नेंस की दिशा में एक बड़ा कदम है। इस डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर की ज़रूरत स्पोर्ट्स मैनेजमेंट और एथलीट परफॉर्मेंस ट्रैकिंग में विशेषज्ञता रखने वाली आईटी सर्विस प्रोवाइडर्स और डेटा एनालिटिक्स फर्मों के लिए नए अवसर खोल सकती है।

आर्थिक और रणनीतिक संदर्भ

प्रतिभा विकास के अलावा, यह खर्च भारत को 2036 ओलंपिक सहित बड़े आयोजनों की मेजबानी के लिए तैयार करने की एक व्यापक रणनीति का हिस्सा है। बड़े पैमाने पर इंफ्रास्ट्रक्चर पर सरकारी खर्च से निर्माण फर्मों और सिविल इंजीनियरिंग कंपनियों को फायदा होगा जो अंतरराष्ट्रीय स्तर के स्टेडियम और शहरी विकास परियोजनाओं को पूरा कर सकें। हालांकि, इन निवेशों की सफलता कार्यान्वयन की गति और महासंघों की बढ़ी हुई फंडिंग को पारदर्शी रूप से प्रबंधित करने की क्षमता पर निर्भर करेगी।

निवेशकों को यह देखना होगा कि ये फंड राज्यों में कैसे वितरित होते हैं, क्योंकि क्षेत्रीय खेल केंद्रों के विकास के लिए निर्माण और सुविधा रखरखाव हेतु स्थानीय साझेदारियों की आवश्यकता होगी। अर्थव्यवस्था पर दीर्घकालिक प्रभाव इस बात पर भी निर्भर करेगा कि क्या स्वदेशी और पैरा-स्पोर्ट्स पर बढ़ा हुआ ध्यान खेल-संबंधी वस्तुओं और सेवाओं के लिए एक स्थायी उपभोक्ता बाजार तैयार करता है। सरकार द्वारा डिजिटल प्लेटफॉर्म को शुरू करने और इंफ्रास्ट्रक्चर टेंडरिंग की समय-सीमा तय करने के अगले कदम आने वाली तिमाहियों में देखने लायक मुख्य अपडेट होंगे।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.