सेंट्रल रिजर्व पुलिस फोर्स (CRPF) अपने रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) के जवानों द्वारा **20 जुलाई** को छात्र प्रदर्शनकारियों पर कथित तौर पर पैलेट गन से हमला करने के मामले की आंतरिक जांच कर रही है। यह घटना NEET परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर हो रहे प्रदर्शन के दौरान हुई थी। यह जांच यह पता लगाएगी कि बल द्वारा इस्तेमाल की गई शक्ति स्थापित प्रोटोकॉल के अनुसार थी या नहीं।
Detailed Coverage
जांच का दायरा
सेंट्रल रिजर्व पुलिस फोर्स (CRPF) ने 20 जुलाई को हुई एक छात्र विरोध प्रदर्शन के दौरान अपनी रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) इकाई की कार्रवाइयों की आंतरिक जांच शुरू कर दी है। यह विरोध प्रदर्शन दिल्ली में हुआ था, जिसमें प्रदर्शनकारी NEET परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर संसद की ओर मार्च कर रहे थे।
पैलेट गन से हमले और चोटें
इस घटना के दौरान, तीन लोग - एक छात्र, एक मजदूर और एक पत्रकार - पैलेट से घायल हो गए। रिपोर्टों के अनुसार, छात्र साहिल लोचाब की दाहिनी आंख को गंभीर नुकसान पहुंचा है, और डॉक्टरों का कहना है कि उनकी दृष्टि गंभीर रूप से प्रभावित हुई है। इस घटना ने शहरी क्षेत्रों में सुरक्षा बलों द्वारा भीड़ नियंत्रण के तरीकों पर ध्यान आकर्षित किया है।
CRPF के DG का बयान
CRPF के महानिदेशक ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह ने पुष्टि की है कि घटना का पेशेवर मूल्यांकन चल रहा है। उन्होंने कहा कि बल बड़ी नियुक्तियों के बाद घटनाओं के क्रम का मूल्यांकन करने और यह सत्यापित करने के लिए समीक्षा करता है कि पैलेट गन सहित उपकरणों का उपयोग आधिकारिक प्रोटोकॉल के अनुसार था या नहीं। हालांकि प्रारंभिक जानकारी की समीक्षा की जा रही है, बल ने संकेत दिया है कि आंतरिक जांच के बाद एक व्यापक रिपोर्ट अंतिम रूप दी जाएगी।
बहस और राजनीतिक प्रतिक्रिया
भीड़ नियंत्रण के लिए पैलेट गन के उपयोग का उपयोग ऐतिहासिक रूप से भारत में बहस का विषय रहा है, जिसमें सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने और व्यक्तियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के बीच संतुलन को लेकर चर्चाएं हुई हैं। इस विशेष घटना ने राजनीतिक बहस छेड़ दी है, जिसमें राज्यसभा में विपक्षी सदस्यों ने विरोध प्रदर्शन के दौरान इस्तेमाल की गई बल के प्राधिकरण और निगरानी के संबंध में केंद्रीय गृह मंत्रालय से बयान की मांग की है।
जनता और निवेशक अब इस आंतरिक समीक्षा के निष्कर्षों का इंतजार कर रहे हैं। अगली अपडेट में संभवतः CRPF मुख्यालय से इस बात की जानकारी मिलेगी कि क्या किसी जवान ने निर्धारित आदेशों का उल्लंघन किया और सरकार विरोध प्रदर्शनों के प्रबंधन को लेकर विपक्ष द्वारा उठाई गई चिंताओं को कैसे संबोधित करने की योजना बना रही है।
