CRPF ने रचा इतिहास: पिछले 12 महीनों में ऑपरेशन के दौरान कोई शहादत नहीं, 47 साल में पहली बार

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
CRPF ने रचा इतिहास: पिछले 12 महीनों में ऑपरेशन के दौरान कोई शहादत नहीं, 47 साल में पहली बार

CRPF ने पिछले 12 महीनों में कॉम्बैट के दौरान जीरो फर्टिलिटी (Zero Fatality) का रिकॉर्ड बनाया है, जो पिछले 47 वर्षों में हासिल नहीं हुआ था। यह उपलब्धि तब मिली है जब भारत को आधिकारिक तौर पर लेफ्ट-विंग एक्सट्रीमिज्म (LWE) मुक्त घोषित किया गया है।

47 साल में पहली बड़ी उपलब्धि

केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) ने एक ऐतिहासिक माइलस्टोन हासिल किया है। 30 अक्टूबर 2025 से 30 अक्टूबर 2026 तक, यानी पूरे एक साल में फोर्स का एक भी जवान कॉम्बैट ऑपरेशन के दौरान शहीद नहीं हुआ है। सुरक्षा बलों के लिए यह आंकड़ा साल 1979 के बाद पहली बार दर्ज किया गया है।

सफलता के पीछे क्या है कारण?

डायरेक्टर जनरल GP सिंह ने इस कामयाबी के लिए तीन मुख्य बदलावों को श्रेय दिया है: बेहतर टैक्टिकल ट्रेनिंग, अत्याधुनिक हार्डवेयर और बेहतर मेडिकल इवैक्यूएशन प्रोटोकॉल। इन सुधारों का सीधा असर यह हुआ है कि हाई-स्टेक ऑपरेशंस में रेस्पॉन्स टाइम में कमी आई है और जवानों की सुरक्षा सुनिश्चित हुई है।

यह सफलता इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि 31 मार्च 2026 को भारत को आधिकारिक रूप से लेफ्ट-विंग एक्सट्रीमिज्म (LWE) से मुक्त घोषित कर दिया गया है, जिससे जोखिम वाले क्षेत्रों में स्थिति में काफी सुधार आया है।

चिंता का विषय: मानसिक स्वास्थ्य

ऑपरेशनल मोर्चे पर मिली सफलता के बावजूद, फोर्स के सामने आंतरिक चुनौतियां अभी भी बरकरार हैं। नेशनल ह्यूमन राइट्स कमीशन (NHRC) के आंकड़ों के अनुसार, जवानों के बीच आत्महत्या के मामले अभी भी चिंता का विषय बने हुए हैं। वर्ष 2025 में 59 जवानों ने अपनी जान गंवाई थी, जबकि साल 2026 के पहले पांच महीनों में ही 19 केस रिपोर्ट किए गए हैं।

अब फोर्स के सामने चुनौती यह है कि LWE के खात्मे के बाद अपने संसाधनों को किस तरह री-डिप्लॉय किया जाए और अपने जवानों के मानसिक स्वास्थ्य व वेलफेयर पर ध्यान केंद्रित किया जाए।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.