सेंट्रल पब्लिक सेक्टर एंटरप्राइजेज एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (CPSE ETF) ने पिछले तीन सालों में **30%** का कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) दर्ज करते हुए इंडेक्स ईटीएफ (Index ETF) कैटेगरी में टॉप पर जगह बनाई है। यह फंड ₹1,500 करोड़ से ज़्यादा की एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) वाले फंड्स में सबसे आगे है।
3 साल में 30% CAGR, CPSE ETF बना 'किंग'!
CPSE ETF ने अपने साथियों को पीछे छोड़ते हुए पिछले तीन सालों में 30% का ज़बरदस्त सालाना रिटर्न दिया है। इस प्रदर्शन के दम पर इसने कोटक निफ्टी पीएसयू बैंक ईटीएफ (Kotak Nifty PSU Bank ETF) और निप्पॉन इंडिया ईटीएफ निफ्टी पीएसयू बैंक बीईएस (Nippon India ETF Nifty PSU Bank BeES) जैसे फंड्स को भी पछाड़ दिया है, जिन्होंने इसी अवधि में 27.7% का रिटर्न दिया था।
₹20,000 करोड़ से ज़्यादा का AUM, बेंचमार्क को भी पछाड़ा!
लगभग ₹20,959.3 करोड़ की भारी-भरकम एसेट्स को मैनेज करने वाला CPSE ETF, ₹1,500 करोड़ से ज़्यादा AUM वाले टॉप परफॉर्मिंग इंडेक्स फंड्स में सबसे बड़ा है। खास बात यह है कि इस फंड ने अपने अंडरलाइंग बेंचमार्क इंडेक्स को भी मात दी है। जहां CPSE ETF ने तीन साल में 30% का रिटर्न दिया, वहीं इसके बेंचमार्क इंडेक्स ने सिर्फ 9.2% का रिटर्न कमाया। एक साल के प्रदर्शन में भी यह फंड आगे रहा, जबकि बेंचमार्क ने इस दौरान -4% का निगेटिव रिटर्न दिया।
शॉर्ट-टर्म में बदलता है खेल!
हालांकि CPSE ETF का लॉन्ग-टर्म ट्रैक रिकॉर्ड मजबूत है, लेकिन यह ध्यान रखना ज़रूरी है कि अलग-अलग टाइम फ्रेम पर टॉप परफॉर्मर बदल सकते हैं। उदाहरण के लिए, शॉर्ट-टर्म में निप्पॉन इंडिया निफ्टी फार्मा ईटीएफ (Nippon India Nifty Pharma ETF) ने पिछले तीन महीनों में 16.1% का रिटर्न दिया। वहीं, एक महीने और एक साल की कैटेगरी में निप्पॉन इंडिया ईटीएफ निफ्टी पीएसयू बैंक बीईएस (Nippon India ETF Nifty PSU Bank BeES) 6.1% और 19% के रिटर्न के साथ सबसे आगे रहा।
निवेशकों के लिए क्या है ज़रूरी?
ईटीएफ (ETF) में निवेश करने वाले निवेशकों को सिर्फ रिटर्न पर ही ध्यान नहीं देना चाहिए। उन्हें यह भी देखना चाहिए कि फंड अपने टारगेट इंडेक्स को कितनी बारीकी से ट्रैक करता है। फंड का परफॉरमेंस उसके ट्रैकिंग डिफरेंस (Tracking Difference) यानी ईटीएफ के रिटर्न और बेंचमार्क के बीच के अंतर पर निर्भर करता है। इसके अलावा, लिक्विडिटी (Liquidity) भी एक अहम फैक्टर है, खासकर उनके लिए जिन्हें ट्रेडिंग घंटों के दौरान यूनिट्स को जल्दी खरीदना या बेचना पड़ सकता है। बाज़ार के बदलते रुझानों के साथ, बैंकिंग या फार्मा जैसे सेक्टर-स्पेसिफिक ईटीएफ का परफॉरमेंस, पब्लिक सेक्टर होल्डिंग्स पर फोकस करने वाले CPSE ETF से अलग हो सकता है। भविष्य के परफॉरमेंस पर नज़र रखने के लिए इन ट्रेंड्स और फंड के अंडरलाइंग इंडेक्स की कंपोजिशन पर नज़र रखना महत्वपूर्ण होगा।
