Central Mine Planning & Design Institute (CMPDIL) ने दूसरी तिमाही के शानदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का नेट प्रॉफिट **10%** बढ़कर **₹195 करोड़** पर पहुंच गया है, जिसे प्लानिंग और डिजाइनिंग सर्विसेज की जबरदस्त मांग से सहारा मिला है।
Coal India Limited की टेक्निकल कंसल्टेंसी सब्सिडियरी CMPDIL ने चालू फाइनेंशियल ईयर की दूसरी तिमाही में शानदार मजबूती दिखाई है। कंपनी की नेट सेल्स इस दौरान 8% की बढ़ोतरी के साथ ₹593 करोड़ रही। कंपनी ने मुश्किल आर्थिक स्थितियों के बावजूद 40% के ऑपरेटिंग मार्जिन को बरकरार रखा है।
बिजनेस सेगमेंट का हाल
कंपनी के ग्रोथ का मुख्य इंजन 'प्लानिंग और डिजाइन' डिवीजन रहा, जिसने 20% की सेल्स ग्रोथ दर्ज की और अपना मुनाफा लगभग दोगुना कर ₹24 करोड़ तक पहुंचा दिया। वहीं, दूसरी ओर 'एक्सप्लोरेशन' सेगमेंट को कुछ चुनौतियों का सामना करना पड़ा। ड्रिलिंग वॉल्यूम 12% बढ़ने के बावजूद सेल्स सिर्फ 9% बढ़ी। फ्यूल और मटेरियल की कीमतों में 25% की बढ़ोतरी के कारण इस सेगमेंट का मार्जिन 11% के आसपास सिमट गया।
नई ग्रोथ स्ट्रैटेजी
CMPDIL अब सिर्फ कोल माइन प्लानिंग पर निर्भर नहीं रहना चाहती। कंपनी ने 'कोल गैसीफिकेशन' और 'क्रिटिकल मिनरल एक्सप्लोरेशन' को अपने अगले बड़े ग्रोथ पिलर के तौर पर चुना है। इसके लिए CSIR-CIMFR के साथ एक करार भी किया गया है। कंपनी राजस्थान और आंध्र प्रदेश जैसे राज्यों में 'रेयर अर्थ ब्लॉक्स' की तलाश कर रही है। मैनेजमेंट का लक्ष्य है कि आने वाले 3 सालों में इन नए बिजनेस वर्टिकल्स से कुल रेवेन्यू का 10% से 15% हिस्सा आए।
रिस्क और आउटलुक
भविष्य में कंपनी के लिए चुनौतियां भी कम नहीं हैं। नए प्रोजेक्ट्स में लंबी अवधि और रेगुलेटरी उलझनें हो सकती हैं। साथ ही, एक्सप्लोरेशन सेगमेंट में इनपुट कॉस्ट का दबाव बना हुआ है। हालांकि, 2020 के बाद से 147 कमर्शियल कोल ब्लॉक्स अलॉट होने से प्लानिंग सर्विसेज की मांग बनी हुई है, जो कंपनी के लिए एक बड़ा पॉजिटिव फैक्टर है।
