Infosys CEO की कमाई TCS से 3 गुना ज्यादा! जानिए क्या है वजह, घट रहे मार्जिन पर भी उठ रहे सवाल

OTHER
Whalesbook Logo
AuthorAditi Chauhan|Published at:
Infosys CEO की कमाई TCS से 3 गुना ज्यादा! जानिए क्या है वजह, घट रहे मार्जिन पर भी उठ रहे सवाल
Overview

वित्तीय वर्ष 2026 (FY26) के नतीजों ने भारत की टॉप IT कंपनियों के बीच एग्जीक्यूटिव सैलरी में एक बड़े अंतर को उजागर किया है। Infosys के CEO, Salil Parekh ने लगभग **₹82.6 करोड़** कमाए, जो TCS के CEO, K Krithivasan की **₹28 करोड़** की कमाई से लगभग तीन गुना ज्यादा है। यह अंतर Infosys की इक्विटी-लिंक्ड रिवॉर्ड्स पर ज्यादा निर्भरता और TCS की ट्रेडिशनल कमीशन-आधारित स्ट्रक्चर को दर्शाता है, भले ही TCS के प्रॉफिट मार्जिन बेहतर हों।

Instant Stock Alerts on WhatsApp

Used by 10,000+ active investors

1

Add Stocks

Select the stocks you want to track in real time.

2

Get Alerts on WhatsApp

Receive instant updates directly to WhatsApp.

  • Quarterly Results
  • Concall Announcements
  • New Orders & Big Deals
  • Capex Announcements
  • Bulk Deals
  • And much more

सैलरी में बड़ा अंतर: इक्विटी रिवॉर्ड्स का खेल

FY26 में, Infosys ने अपने CEO Salil Parekh को ₹82.6 करोड़ का पैकेज दिया। इसमें से अकेले स्टॉक अवार्ड्स ₹74 करोड़ से ज्यादा के थे। यह Infosys की स्ट्रैटेजी को दिखाता है कि कैसे वे CEO को शेयरहोल्डर्स से जोड़ने के लिए इक्विटी-आधारित इंसेंटिव का इस्तेमाल करते हैं। दूसरी ओर, TCS के CEO K Krithivasan को ₹28 करोड़ मिले, जो कि ज्यादातर फिक्स्ड पे और परफॉरमेंस-लिंक्ड कमीशन पर आधारित था।

वित्तीय प्रदर्शन और वैल्यूएशन का अंतर

Infosys ने जहां इक्विटी पर जोर दिया, वहीं TCS ने अपने ऑपरेशनल स्केल और प्रॉफिटेबिलिटी में बढ़त बनाए रखी। FY26 में TCS का रेवेन्यू ₹2.67 लाख करोड़ और नेट प्रॉफिट ₹49,210 करोड़ रहा। Infosys का रेवेन्यू ₹1.79 लाख करोड़ और नेट प्रॉफिट ₹29,440 करोड़ था।

अभी दोनों कंपनियां सेक्टर-व्यापी वैल्यूएशन कंप्रेशन (valuation compression) के दौर से गुजर रही हैं। Infosys का P/E रेशियो करीब 15.8 है, जबकि TCS का थोड़ा ज्यादा, लगभग 16.8 है। यह दोनों ही स्टॉक अपने 10-साल के औसत P/E से नीचे ट्रेड कर रहे हैं, क्योंकि मार्केट में टेक्नोलॉजी खर्चों में धीमी ग्रोथ की आशंका है।

मार्जिन पर उठते सवाल

सैलरी स्ट्रक्चर में यह अंतर मार्जिन डिसिप्लिन पर भी सवाल खड़े करता है। TCS लगातार 25% के आसपास EBIT मार्जिन बनाए रखता है, जबकि Infosys का मार्जिन 21% के करीब रहता है। आलोचकों का कहना है कि Infosys में स्टॉक-आधारित कंपेंसेशन पर ज्यादा निर्भरता, मार्जिन में कमी या धीमी ग्रोथ को छिपा सकती है। Infosys का शेयर-आधारित भुगतान, अगर EPS ग्रोथ से मेल नहीं खाता तो शेयरहोल्डर्स के वैल्यू को कम कर सकता है।

मार्केट सेंटीमेंट और भविष्य की राह

इन सैलरी के अंतरों के बावजूद, IT सेक्टर के लिए एनालिस्ट का सेंटीमेंट अभी भी पॉजिटिव है। हालिया मार्केट एक्टिविटी से पता चलता है कि इन्वेस्टर्स एग्जीक्यूटिव पे से ज्यादा AI-आधारित प्रोडक्टिविटी गेन्स पर ध्यान दे रहे हैं। ग्लोबल क्लाइंट्स की तरफ से खर्च में नरमी के कारण ब्रोकरेज फर्मों ने शॉर्ट-टर्म प्राइस टारगेट कम किए हैं, लेकिन Infosys और TCS दोनों को भारतीय इक्विटी मार्केट में डिफेंसिव स्टॉक माना जा रहा है। कंपनी का भविष्य इस बात पर निर्भर करेगा कि AI इंटीग्रेशन से आने वाले प्रेशर को वे कैसे मैनेज करते हैं।

Get stock alerts instantly on WhatsApp

Quarterly results, bulk deals, concall updates and major announcements delivered in real time.

Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.