महाराष्ट्र FDA के निरीक्षकों को बॉम्बे हाई कोर्ट परिसर की तीन में से दो कैंटीन बिना वैध लाइसेंस के चलती मिलीं। यह चौंकाने वाली जांच, सरकारी और निजी संस्थानों में खाद्य सुरक्षा नियमों के पालन में समानता पर न्यायिक सवालों के बाद हुई।
महाराष्ट्र फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) ने बॉम्बे हाई कोर्ट परिसर में कैंटीन का निरीक्षण किया, जिसमें चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि तीन में से दो कैंटीन जरूरी FSSAI लाइसेंस के बिना चल रही थीं। यह घटना हाई कोर्ट द्वारा खाद्य सुरक्षा प्रवर्तन में समानता पर उठाए गए सवालों के बाद हुई, जिसमें पूछा गया था कि क्या राज्य के सख्त निरीक्षण अभियान सभी पर समान रूप से लागू होते हैं।
FDA कमिश्नर तुकाराम मुंडे ने खुद इस बात की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि यह निरीक्षण कोर्ट के इसी सवाल के जवाब में किया गया था कि क्या FDA केवल निजी संस्थाओं को निशाना बना रहा है। एजेंसी का कहना है कि उनका काम सभी क्षेत्रों में नियमों का पालन सुनिश्चित करना है, चाहे वह सरकारी हो या निजी।
नियामक तनाव और न्यायिक जांच
यह मामला राज्य के फूड रेगुलेटर और न्यायपालिका के बीच बढ़ते तनाव को दर्शाता है। जहां FDA सख्त प्रवर्तन नीति अपना रहा है, वहीं बॉम्बे हाई कोर्ट ने हाल ही में कुछ कार्रवाइयों को "अति" करार दिया है। कोर्ट ने कई मौकों पर FDA की छोटी-मोटी खामियों पर तुरंत लाइसेंस निलंबित करने की प्रक्रिया की आलोचना की है, और इसे "अनुचित" बताया है।
हाल ही में पुणे की एक मिठाई की दुकान के मामले में, हाई कोर्ट ने राज्य को ₹5 लाख का मुआवजा देने का आदेश दिया था, जब यह पाया गया कि FDA का लाइसेंस निलंबित करने का निर्णय उल्लंघन के अनुपात में नहीं था। ये फैसले बताते हैं कि जहां खाद्य और पेय व्यवसाय के लिए नियामक अनुपालन अनिवार्य है, वहीं अदालतें यह भी देख रही हैं कि क्या नियामक के तरीके निष्पक्षता और आनुपातिकता के कानूनी मानकों के अनुरूप हैं।
महाराष्ट्र में खाद्य और हॉस्पिटैलिटी क्षेत्र में काम करने वाले व्यवसायों के लिए नियामक माहौल और भी जटिल हो गया है। FDA की आक्रामक कार्रवाई का मतलब है कि मामूली कागजी खामियों से भी कामकाज बंद हो सकता है, जिससे प्रतिष्ठा और वित्तीय जोखिम बढ़ता है। वहीं, अदालतों की निगरानी यह संकेत देती है कि व्यवसाय मालिकों के पास अत्यधिक दंड को चुनौती देने के कानूनी रास्ते हैं। आगे चलकर, FDA निरीक्षणों की निरंतरता और उनके प्रवर्तन विधियों को चुनौती देने वाली कानूनी लड़ाइयों के परिणाम इस क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण बने रहेंगे।
