भूटान की Shintaphu झील के फटने से पश्चिम बंगाल और असम के Sankosh नदी बेसिन में बाढ़ का खतरा पैदा हो गया है। प्रशासन ने Alipurduar और Dhubri जिलों में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाना शुरू कर दिया है।
भूटान के Gasa जिले में स्थित Shintaphu ग्लेशियर झील के फटने से भारत के निचले इलाकों के लिए आपातकालीन चेतावनी जारी की गई है। पानी का यह बहाव Punatsangchhu नदी से होते हुए भारत में Sankosh नदी के जरिए प्रवेश कर रहा है। प्रभावित जिलों में प्रशासन ने अलर्ट जारी कर नदी के किनारों पर रहने वाले लोगों को तुरंत सुरक्षित स्थानों पर भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।\n\n### इंफ्रास्ट्रक्चर और आर्थिक जोखिम\n\nइस आपदा से न केवल जनजीवन बल्कि नॉर्थ-ईस्ट के लॉजिस्टिक्स पर भी बड़ा असर पड़ सकता है। Sankosh नदी का बेसिन परिवहन के लिए एक महत्वपूर्ण कड़ी है। भारी मलबे के साथ आने वाला यह जल-स्तर पुलों, सड़कों और रेल कनेक्टिविटी को नुकसान पहुँचा सकता है। हिमालयी क्षेत्रों में पिछली आपदाओं को देखें तो ऐसे में मरम्मत का खर्च काफी ज्यादा बढ़ जाता है और सप्लाई चेन कई हफ्तों के लिए बाधित हो सकती है।\n\nइसके अलावा, Alipurduar और Dhubri के किसानों के लिए भी यह एक बड़ा झटका है, क्योंकि वहां की फसलें इस पानी की चपेट में आ सकती हैं। इससे स्थानीय कृषि उत्पादन और आय पर सीधा असर पड़ सकता है।\n\n### स्थिति पर नजर\n\nफिलहाल सिविल डिफेंस और स्थानीय अधिकारी बचाव कार्यों में जुटे हैं। निवेशकों और बाजार विशेषज्ञों के लिए महत्वपूर्ण यह है कि पानी का बहाव भारत में प्रवेश करते समय कितनी तीव्रता दिखाता है। यदि सड़कों और पुलों को अधिक नुकसान पहुँचता है, तो आने वाले हफ्तों में इस क्षेत्र में लॉजिस्टिक्स लागत बढ़ सकती है। सरकार स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और नुकसान का सही आकलन पानी का स्तर घटने के बाद ही हो पाएगा।
