पिछले हफ्ते भारतीय शेयर बाज़ार की टॉप 10 वैल्यूएबल कंपनियों में से 6 की मार्केट कैप में कुल ₹1 लाख करोड़ का इजाफा हुआ है। इनमें Bharti Airtel और Bajaj Finance सबसे आगे रहीं, जिनके स्टॉक्स में जोरदार तेजी देखने को मिली। हालांकि, Reliance Industries और Larsen & Toubro जैसी कंपनियों का वैल्यूएशन इस दौरान गिरा है।
क्या हुआ?
पिछले हफ्ते, भारत की टॉप 10 सबसे ज्यादा वैल्यूएबल कंपनियों में से 6 का संयुक्त मार्केट कैपिटलाइज़ेशन (Market Capitalization) ₹1 लाख करोड़ बढ़ गया। यह बढ़ोतरी ऐसे समय में हुई जब BSE सेंसेक्स 663.44 अंक (0.86%) और NSE निफ्टी 214.85 अंक (0.89%) चढ़कर रिकवर हुए। यह दिखाता है कि बड़े इंडेक्स में तेजी के बावजूद, कुछ चुनिंदा लार्ज-कैप स्टॉक्स में अलग-अलग प्रदर्शन देखने को मिला।
टॉप परफॉर्मर
इन टॉप-10 कंपनियों में Bharti Airtel सबसे शानदार परफ़ॉर्मर रही। कंपनी की मार्केट वैल्यू ₹36,529.21 करोड़ बढ़कर ₹11,63,877.30 करोड़ पर पहुंच गई। Bajaj Finance में भी निवेशकों ने खूब खरीदारी की, जिससे इसकी मार्केट कैप ₹33,059.83 करोड़ बढ़कर ₹6,43,141.36 करोड़ हो गई। इनके अलावा ICICI Bank, HDFC Bank, LIC और Hindustan Unilever भी उन कंपनियों में शामिल रहीं जिनका वैल्यूएशन इस हफ्ते बढ़ा।
वैल्यूएशन में गिरावट
जहां 6 कंपनियों का वैल्यूएशन बढ़ा, वहीं टॉप-10 में शामिल 4 कंपनियों का मार्केट कैप इस दौरान घटा। Larsen & Toubro सबसे ज्यादा पिछड़ने वाली कंपनी रही, जिसकी मार्केट वैल्यू ₹26,572.2 करोड़ घटकर ₹5,53,978.63 करोड़ रह गई। भारत की सबसे वैल्यूएबल कंपनी Reliance Industries का वैल्यूएशन ₹18,945.56 करोड़ कम होकर ₹17,64,981.36 करोड़ पर आ गया। State Bank of India और Tata Consultancy Services का मार्केट वैल्यू भी थोड़ा कम हुआ।
बाज़ार क्यों हिला?
घरेलू स्तर पर मजबूत डेटा, जैसे कि लगातार GST कलेक्शन और इंडस्ट्रियल एक्टिविटी में सुधार के संकेत, मार्केट सेंटिमेंट के लिए सपोर्टिव रहे। निवेशकों ने ग्लोबल उम्मीदों में बदलाव पर भी रिएक्ट किया, खासकर हालिया अमेरिकी लेबर मार्केट डेटा के बाद सॉफ्ट मॉनेटरी पॉलिसी की संभावना को लेकर। ये मैक्रोइकॉनॉमिक फैक्टर्स अक्सर लार्ज-कैप स्टॉक्स को प्रभावित करते हैं, क्योंकि ये भारतीय अर्थव्यवस्था के व्यापक स्वास्थ्य को दर्शाते हैं और अक्सर बड़े इंस्टीट्यूशनल निवेशकों द्वारा इनमें पोर्टफोलियो एडजस्टमेंट किया जाता है।
निवेशकों को क्या देखना चाहिए?
निवेशकों के लिए, वैल्यूएशन में ये बदलाव दर्शाते हैं कि कैसे अलग-अलग लार्ज-कैप कंपनियां एक ही मार्केट माहौल पर अलग-अलग प्रतिक्रिया दे रही हैं। आने वाले हफ्तों में इन कंपनियों के लिए मुख्य मॉनिटर करने वाली चीज़ें तिमाही नतीजे (Quarterly Earnings) होंगी। इनसे पता चलेगा कि हालिया मार्केट में आई तेजी असल ग्रोथ और प्रॉफिट मार्जिन से समर्थित है या नहीं। निवेशकों को खासकर Bharti Airtel और Bajaj Finance जैसी कंपनियों के मैनेजमेंट से उनके संबंधित सेक्टरों (टेलीकॉम और नॉन-बैंकिंग फाइनेंस) के बारे में कमेंट्री पर ध्यान देना चाहिए ताकि यह समझा जा सके कि स्टॉक में आई तेजी बिजनेस के फंडामेंटल परफॉरमेंस के अनुरूप है या नहीं।
