पेरिस से लौटते समय पंजाब के मुख्यमंत्री Bhagwant Mann को दिल्ली एयरपोर्ट पर कस्टम अधिकारियों ने रोक लिया। मान ने इसे राजनीतिक साजिश करार दिया है, जबकि विपक्ष का कहना है कि यह केवल रूटीन प्रक्रिया थी।
पेरिस में आयोजित एक फूड फेस्टिवल से लौटने के बाद दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर पंजाब के मुख्यमंत्री Bhagwant Mann को हिरासत में लिए जाने की घटना ने राजनीतिक गलियारों में खलबली मचा दी है। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया है कि उन्हें कई घंटों तक रोका गया, जिसका उद्देश्य उन्हें और उनकी सरकार को सार्वजनिक रूप से अपमानित करना था।
गंभीर आरोप और परिवारिक कनेक्शन
मुख्यमंत्री ने इस पूरी कार्रवाई को 'पॉलिटिकल रिटालिएशन' (Political Retaliation) करार दिया है। मान का दावा है कि जिस कस्टम अधिकारी, मनीष कुमार ने उन्हें रोका, वह मुख्य चुनाव आयुक्त (Chief Election Commissioner) ज्ञानेंद्र कुमार के भाई हैं। हालांकि, ये आरोप अभी तक सत्यापित नहीं हुए हैं, लेकिन इनके चलते राजनीतिक माहौल काफी तनावपूर्ण हो गया है।
विपक्ष का क्या है कहना?
विपक्ष ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है। शिरोमणि अकाली दल के नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने इसे राजनीतिक रंग देने के बजाय एक रूटीन प्रक्रिया बताया है। मजीठिया के अनुसार, यह कार्रवाई शायद सामान या विदेशी मुद्रा की तय सीमा से अधिक मात्रा में ढुलाई के कारण हुई हो सकती है।
केंद्र बनाम राज्य की खींचतान
यह घटना राज्य और केंद्र सरकार के बीच जारी खींचतान के बीच हुई है। आम आदमी पार्टी (Aam Aadmi Party) इस मुद्दे को केंद्रीय एजेंसियों जैसे Enforcement Directorate (ED) और Central Bureau of Investigation (CBI) द्वारा राज्य सरकारों पर दबाव बनाने की एक कड़ी के रूप में देख रही है। अब सबकी निगाहें कस्टम विभाग के आधिकारिक बयान पर टिकी हैं कि क्या यह वाकई कोई कानूनी प्रक्रिया थी या फिर कुछ और।
