Balmer Lawrie & Co अपनी Travel & Vacations यूनिट को एक नई सब्सिडियरी में बदलने जा रही है। कंपनी का मकसद इस यूनिट को सरकारी बंदिशों से बाहर लाकर इसे एक नई रफ्तार देना है, ताकि अगले तीन साल में इसके रेवेन्यू को ₹500 करोड़ तक पहुँचाया जा सके।
सरकारी बंधनों से आजादी की तैयारी
Balmer Lawrie & Co लिमिटेड अब अपनी 'Travel & Vacations' बिजनेस को एक अलग पूर्ण स्वामित्व वाली सब्सिडियरी (wholly-owned subsidiary) के रूप में खड़ा करने जा रही है। फिलहाल यह सेगमेंट कंपनी के कुल रेवेन्यू का करीब 14% हिस्सा है, जो कि ₹390 करोड़ के आसपास है।
क्यों लिया यह फैसला?
एक पब्लिक सेक्टर एंटरप्राइज (PSU) होने के नाते, Balmer Lawrie को सरकारी पे-स्केल और लंबी टेंडर प्रक्रियाओं का पालन करना पड़ता है। इसकी वजह से कंपनी को नई टेक्नोलॉजी और स्पेशलाइज्ड टैलेंट को हायर करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। अब इस अलग इकाई के बनने से कंपनी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म्स का इस्तेमाल तेजी से कर पाएगी और प्राइवेट सेक्टर की कंपनियों को कड़ी टक्कर दे सकेगी।
भविष्य की रणनीति और अफवाहों पर विराम
कंपनी का लक्ष्य अगले 2 से 3 सालों में ₹500 करोड़ के रेवेन्यू का आंकड़ा छूना है। अभी यह बिजनेस मुख्य रूप से सरकार के एयर टिकट कॉन्ट्रैक्ट्स पर निर्भर है, लेकिन भविष्य में कंपनी प्राइवेट कॉर्पोरेट क्लाइंट्स और MICE (Meetings, Incentives, Conferences, and Exhibitions) सेक्टर में अपनी पैठ मजबूत करने की योजना बना रही है।
साथ ही, मैनेजमेंट ने उन तमाम मार्केट रूमर्स को खारिज कर दिया है जिनमें कहा जा रहा था कि IRCTC इस यूनिट का अधिग्रहण कर सकती है। कंपनी ने साफ किया है कि फिलहाल कोई भी बिक्री नहीं, बल्कि सिर्फ इंटरनल रिस्ट्रक्चरिंग पर फोकस है ताकि बैंकों और प्राइवेट कंपनियों के साथ रणनीतिक साझेदारी की जा सके।
