प्रमोटर का भरोसा बढ़ा, शेयर खरीदे
Bajaj Healthcare Limited के प्रमोटर अनिल चम्पलाल जैन ने 13 मार्च 2026 को ओपन मार्केट परचेज (Open Market Purchase) के जरिए कंपनी के 3,000 इक्विटी शेयर खरीदे हैं। इस सौदे के बाद, अनिल जैन का, उनके साथ 'पार्टीज़ एक्टिंग इन कॉन्सर्ट' (Parties Acting in Concert) यानी उनके प्रभाव वाले समूह का कुल स्टेक बढ़कर 14,66,775 शेयर हो गया है।
यह खरीद कंपनी के कुल वोटिंग कैपिटल (Total Voting Capital) का 6.08% है। वहीं, डाइल्यूटेड वोटिंग कैपिटल (Diluted Voting Capital) के लिहाज से उनका स्टेक 4.36% हो गया है। कंपनी ने इस शेयर खरीद की जानकारी 16 मार्च 2026 को सेबी (SEBI) टेकओवर रेगुलेशन के तहत फाइल की है।
प्रमोटर की हिस्सेदारी बढ़ने का मतलब
जब प्रमोटर अपनी हिस्सेदारी बढ़ाते हैं, तो इसे अक्सर कंपनी के भविष्य के ग्रोथ आउटलुक (Growth Outlook) पर भरोसा जताने के संकेत के तौर पर देखा जाता है। यह दर्शाता है कि प्रमोटर कंपनी के वैल्यूएशन (Valuation) और क्षमता में विश्वास रखते हैं। Bajaj Healthcare का कुल ईक्विटी शेयर कैपिटल (Equity Share Capital) ₹1579.16 करोड़ है, जबकि डाइल्यूटेड शेयर कैपिटल (Diluted Share Capital) ₹1683.13 करोड़ है।
कंपनी की पृष्ठभूमि और पिछला प्रदर्शन
Bajaj Healthcare Limited एक भारतीय फार्मास्युटिकल कंपनी है, जिसकी स्थापना 1993 में हुई थी। यह फार्मा (Pharma), न्यूट्रास्यूटिकल (Nutraceutical) और फ़ूड सेक्टर (Food Sector) के लिए एक्टिव फार्मास्युटिकल इंग्रीडिएंट्स (APIs), इंटरमीडिएट्स (Intermediates) और फॉर्मूलेशन (Formulations) बनाती है। कंपनी 2016 में भारतीय स्टॉक एक्सचेंजों पर लिस्ट हुई थी।
हाल ही में, दिसंबर 2025 में, कंपनी को गुजरात हाईकोर्ट (Gujarat High Court) से एक अनुकूल फैसला मिला था, जिसने गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (GST) डिमांड नोटिस (GST Demand Notice) को खारिज कर दिया था। इससे पहले ₹18.49 करोड़ का जीएसटी डिमांड ITC रिफंड विवाद से जुड़ा था, जिस पर कंपनी ने अपील करने की योजना बनाई थी। मार्च 2026 तक, कंपनी के शेयर ने पिछले एक साल में लगभग -55.08% का निगेटिव रिटर्न दिया था। प्रमोटर्स की हिस्सेदारी ऐतिहासिक रूप से लगभग 59.19% रही है।
इंडस्ट्री और आगे की राह
Bajaj Healthcare भारतीय फार्मा सेक्टर में प्रतिस्पर्धी माहौल में काम करती है, जहाँ Sun Pharma.Inds., Divi's Lab, Torrent Pharma और Zydus Lifesciences जैसी बड़ी कंपनियां भी मौजूद हैं। इस शेयर खरीददारी का छोटे निवेशकों पर तत्काल कोई बड़ा असर पड़ने की उम्मीद नहीं है, लेकिन प्रमोटरों की लगातार भागीदारी प्रबंधन (Management) के विश्वास को दर्शाती है।
