आज शेयर बाजार में मिला-जुला कारोबार देखने को मिला। Bajaj Finance के शेयरों में **3.84%** की जोरदार तेजी ने बाजार को संभाले रखा, जबकि IT सेक्टर में **3.26%** की गिरावट ने निवेशकों को चिंतित किया। कच्चे तेल की गिरती कीमतों और मजबूत होते रुपये ने भी बाजार को सहारा दिया।
IT की गिरावट पर Financials का भारी पड़ना
शुक्रवार को शेयर बाजार में फाइनेंशियल सर्विसेज कंपनियों की दमदार खरीदारी देखी गई, जिसने टेक्नोलॉजी शेयरों में आई भारी बिकवाली को काफी हद तक बेअसर कर दिया। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 19.50 अंकों की मामूली बढ़त के साथ 77,947.65 पर कारोबार कर रहा था। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी50 भी 26.70 अंकों की तेजी के साथ 24,343.85 पर पहुंच गया। आज के कारोबार में निवेशकों का फोकस हाई-मोमेंटम वाले टेक शेयरों से हटकर बड़ी फाइनेंशियल कंपनियों की ओर होता दिखा।
Bajaj Finance बना दिन का स्टार
Bajaj Finance के शेयरों में आज 3.84% की जबरदस्त उछाल देखी गई, जिसका मुख्य कारण कंपनी के तिमाही नतीजों (Quarterly Earnings) का ऐलान था। कंपनी की सिस्टर कंपनी Bajaj Finserv के शेयर में भी 3.10% की तेजी दर्ज की गई। इन दोनों कंपनियों की तेजी ने बेंचमार्क इंडेक्स को सहारा दिया। बाजार में अन्य प्रमुख शेयरों में Mahindra & Mahindra, Bharat Electronics, Axis Bank, Maruti Suzuki और State Bank of India भी मजबूती के साथ कारोबार कर रहे थे।
IT सेक्टर में मुनाफावसूली
वहीं दूसरी तरफ, IT सेक्टर में आज भारी बिकवाली का दबाव रहा। Nifty IT इंडेक्स 3.26% गिरकर सबसे कमजोर सेक्टर साबित हुआ। Infosys, Tata Consultancy Services, HCLTech और Tech Mahindra जैसे दिग्गज IT शेयरों में 2.41% से लेकर 3.64% तक की गिरावट दर्ज की गई। जानकारों का मानना है कि पिछले हफ्ते IT शेयरों में हुई तेज रैली के बाद निवेशक अब मुनाफावसूली (Profit-taking) कर रहे हैं।
अन्य सेक्टर्स और मैक्रो इकोनॉमिक्स
फाइनेंशियल और IT के अलावा, ऑटो इंडेक्स में 0.80% की बढ़त और PSU बैंकों के शेयरों में 0.60% की मजबूती देखी गई। हालांकि, रियलटी, FMCG और मीडिया जैसे सेक्टर्स में बिकवाली का दबाव बना रहा। स्मॉलकैप और मिडकैप इंडेक्स में भी मामूली गिरावट दर्ज की गई, जो यह दर्शाता है कि आज की तेजी चुनिंदा लार्ज-कैप शेयरों तक ही सीमित रही।
मैक्रो इकोनॉमिक मोर्चे पर कुछ राहत भरी खबरें आईं। ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतों में करीब 1% की गिरावट आई और यह $88.16 प्रति बैरल पर आ गया। यह भारत जैसे तेल आयात पर निर्भर देश के लिए एक सकारात्मक संकेत है। इसके अलावा, भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 0.3% मजबूत होकर 95.3850 पर कारोबार कर रहा है। विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने पिछले तीन सत्रों में बाजार में ₹7,360 करोड़ की शुद्ध खरीदारी की है। विश्लेषकों का मानना है कि ग्लोबल IT शेयरों में अस्थिरता के कारण संस्थागत निवेशक भारत में स्थिर लार्ज-कैप स्टॉक्स की ओर रुख कर रहे हैं।
