राजस्थान पंचायती राज चुनाव से पहले BJP ने अपना 'ग्राम विकास संकल्प पत्र' जारी कर दिया है। पार्टी ने हर ग्राम पंचायत के विकास के लिए **₹5 करोड़** का बड़ा वादा किया है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई रफ्तार मिलने की उम्मीद है।
इंफ्रास्ट्रक्चर और खेती पर बड़ा दांव
पार्टी के मेनिफेस्टो के अनुसार, अगले 5 सालों में राज्य की 14,403 ग्राम पंचायतों में से हर एक को ₹5 करोड़ की राशि दी जाएगी। इसके अलावा, राज्य की कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए ₹9,000 करोड़ के बजट से 19,000 किलोमीटर लंबी सड़कें और प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत 3,000 किलोमीटर अतिरिक्त सड़कें बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
कृषि क्षेत्र के लिए बड़े बदलावों के संकेत दिए गए हैं। PM किसान सम्मान निधि के तहत सालाना मदद को बढ़ाकर ₹12,000 करने और गेहूं की खरीद ₹2,700 प्रति क्विंटल के भाव पर करने का प्रस्ताव रखा गया है।
महिला सशक्तिकरण और डिजिटल शिक्षा
'लखपति दीदी' योजना के जरिए ग्रामीण महिलाओं को सिर्फ 1.5% के ब्याज दर पर ₹1.5 लाख तक का लोन देने की योजना है। साथ ही, विधवा और बेसहारा महिलाओं की पेंशन बढ़ाकर ₹1,500 प्रति महीना करने का वादा किया गया है। शिक्षा के क्षेत्र में हर पंचायत में 'अटल ज्ञान केंद्र' खोले जाएंगे, जिनमें हाई-स्पीड इंटरनेट और डिजिटल लाइब्रेरी जैसी सुविधाएं होंगी। साथ ही 15,000 नए स्कूल और 35,000 क्लासरूम बनाने की भी योजना है।
निवेशकों के लिए क्यों है अहम?
बाजार के जानकारों के अनुसार, ग्रामीण इलाकों में खर्च बढ़ने से कंस्ट्रक्शन मटेरियल, फर्टिलाइजर और एफएमसीजी (FMCG) सेक्टर की कंपनियों को सीधा फायदा मिल सकता है। हालांकि, इन वादों का असर राज्य के बजट और इसके कार्यान्वयन की रफ्तार पर निर्भर करेगा।
