केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah ने 13 दिन की 'नशा मुक्त पंजाब यात्रा' का समापन कर दिया है। इसके साथ ही पार्टी ने संकेत दे दिए हैं कि 2027 के पंजाब विधानसभा चुनावों में BJP अकेले दम पर मैदान में उतरेगी।
चुनावी रणनीति में बड़ा बदलाव
जालंधर में 30 सितंबर, 2026 को गृह मंत्री Amit Shah ने 13 दिनों की इस यात्रा का समापन किया। यह यात्रा 4,000 किमी लंबी थी और इसने राज्य की सभी 117 विधानसभा सीटों को कवर किया है। पार्टी ने संकल्प लिया है कि 31 दिसंबर, 2029 तक पंजाब को सिंथेटिक ड्रग्स के कारोबार से पूरी तरह मुक्त कराया जाएगा।
राजनीतिक समीकरणों पर असर
लंबे समय तक Shiromani Akali Dal के साथ गठबंधन में रही BJP अब पंजाब में अपनी स्वतंत्र पहचान बनाने की कोशिश कर रही है। इस फैसले से सत्ताधारी Aam Aadmi Party (AAP) के लिए चुनौतियां बढ़ सकती हैं। पार्टी के इस अकेले चलने के फैसले से क्षेत्रीय राजनीति में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं।
पार्टी के भीतर खींचतान?
हालांकि यह पूरी तरह से राजनीतिक घटनाक्रम है, लेकिन बाजार के जानकारों की नजर इस पर बनी हुई है क्योंकि बड़े राज्यों में राजनीतिक बदलाव का असर वहां की पॉलिसी और बिजनेस माहौल पर पड़ता है। पार्टी के भीतर चर्चा है कि उत्तर प्रदेश में Yogi Adityanath के नेतृत्व में होने वाले महत्वपूर्ण चुनावों के बीच पंजाब पर संसाधनों का इतना अधिक फोकस करना एक चुनौतीपूर्ण रणनीति है।
इन्वेस्टर्स और बाजार के जानकार मैक्रो-पॉलिटिकल रिस्क के तौर पर इन चुनावी कैंपेन पर नजर बनाए रखेंगे, क्योंकि इनके नतीजे ही तय करेंगे कि आने वाले सालों में इन राज्यों में गवर्नेंस की दिशा क्या होगी।
