केंद्रीय मंत्री Hardeep Singh Puri ने साफ कर दिया है कि पंजाब में BJP अब जूनियर पार्टनर की भूमिका में नहीं रहेगी। 2027 के विधानसभा चुनावों के लिए पार्टी ने अपनी रणनीति बदलते हुए अमृतसर के इंफ्रास्ट्रक्चर और औद्योगिक विकास पर फोकस करने का फैसला किया है, जिससे राज्य के निवेश माहौल में बदलाव आ सकता है।
भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने पंजाब में अपनी राजनीतिक दिशा बदल दी है। अमृतसर के दौरे पर आए केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री Hardeep Singh Puri ने स्पष्ट किया कि पार्टी अब किसी भी गठबंधन में छोटी भूमिका स्वीकार नहीं करेगी। पुराने 22 सीटों वाले फॉर्मूले को खारिज करते हुए पार्टी ने 2027 के विधानसभा चुनावों के लिए नए सिरे से तैयारी शुरू कर दी है।
अमृतसर का औद्योगिक कायाकल्प
पार्टी का मुख्य जोर अमृतसर को एक बड़े आर्थिक केंद्र के रूप में विकसित करने पर है। मंत्री ने स्थानीय कारोबारियों के साथ बैठक कर इंफ्रास्ट्रक्चर की कमियों को दूर करने पर चर्चा की। अमृतसर, जो अंतरराष्ट्रीय सीमा के नजदीक है, वहां की औद्योगिक इकाइयों को केंद्रीय योजनाओं से जोड़कर आर्थिक संभावनाओं को गति देने की योजना है। प्रशासन का लक्ष्य यहां निवेश के अनुकूल माहौल तैयार करना है।
शासन और कानून-व्यवस्था पर सवाल
Hardeep Singh Puri ने राज्य की Bhagwant Mann सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने कानून-व्यवस्था की बिगड़ती स्थिति को विकास में सबसे बड़ी बाधा बताया। BJP अब राज्य में 'डबल इंजन' सरकार के मॉडल की वकालत कर रही है ताकि केंद्र से सीधे विकास कार्यों के लिए समर्थन मिल सके।
ऊर्जा नीति और मैक्रो इकोनॉमी
पेट्रोलियम मंत्री के रूप में उन्होंने वैश्विक बाजार की अस्थिरता के बावजूद भारत में ईंधन की कीमतों को नियंत्रित रखने के केंद्र सरकार के प्रयासों को सराहा। उन्होंने बताया कि अमेरिका और कनाडा जैसे देशों के विपरीत, भारत ने अपनी घरेलू ऊर्जा कीमतों को स्थिर रखा है। 'रोजगार मेला' जैसी पहलों के जरिए जॉब क्रिएशन पर सरकार का ध्यान है, जो पंजाब के आगामी राजनीतिक और आर्थिक भविष्य के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।
