दिल्ली के नगर निगम (MCD) में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अपना दबदबा बढ़ा लिया है। हाल ही में हुए वार्ड कमेटी और स्टैंडिंग कमेटी के चुनावों में पार्टी ने 12 में से 10 समितियों के अध्यक्ष पद जीत लिए हैं। इसके साथ ही, 18 सदस्यों वाली MCD स्टैंडिंग कमेटी में BJP के पास अब **12** सीटों का बहुमत हो गया है।
वित्तीय फैसलों पर BJP का शिकंजा
इस चुनाव का सबसे बड़ा असर दिल्ली के म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (MCD) के वित्तीय मामलों पर पड़ेगा। स्टैंडिंग कमेटी MCD की सबसे अहम वित्तीय संस्था है। अब BJP के पास इस 18 सदस्यीय कमेटी में 12 सीटें हैं, जबकि आम आदमी पार्टी (AAP) के पास बाकी की 6 सीटें बची हैं।
इसका सीधा मतलब यह है कि अब ₹5 करोड़ से बड़े सरकारी ठेकों, नई नीतियों और बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को मंजूरी देने की अंतिम शक्ति BJP के पास होगी। इस बढ़े हुए बहुमत के साथ, BJP इन बड़े खर्चों और नीतियों को अपनी दिशा देने में ज़्यादा प्रभावी साबित हो सकती है।
ज़ोन-वाइज नतीजे
BJP ने नजफगढ़, शाहदरा साउथ, शाहदरा नॉर्थ, साउथ, केशवपुरम, नरेला, सिविल लाइंस, सिटी एसपी, सेंट्रल और वेस्ट जैसे अहम ज़ोन्स में जीत हासिल की। वहीं, AAP रोहिणी और करोल बाग ज़ोन में अध्यक्ष पद जीत पाई। साउथ ज़ोन में मुकाबला काफी कड़ा रहा, जहां BJP ने 12-10 के अंतर से जीत दर्ज की।
राजनीतिक घमासान
इस चुनाव के दौरान राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप भी देखने को मिले। AAP नेताओं ने आरोप लगाया कि साउथ ज़ोन में कांग्रेस पार्टी ने BJP का साथ दिया। हालांकि, कांग्रेस ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है।
दिल्ली के शहरी विकास पर नज़र रखने वाले निवेशकों और जानकारों के लिए अब यह देखना अहम होगा कि स्टैंडिंग कमेटी की नई संरचना दिल्ली के इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स और लंबित वित्तीय प्रस्तावों को कैसे प्रभावित करती है। आने वाले महीनों में BJP के नेतृत्व वाली यह कमेटी कितनी तेज़ी से फैसले लेती है, इस पर सबकी नज़र रहेगी।
