Punjab Politics: AAP सरकार को घेरने की तैयारी में BJP, कर्ज और ड्रग्स के मुद्दे पर छिड़ी जंग

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
Punjab Politics: AAP सरकार को घेरने की तैयारी में BJP, कर्ज और ड्रग्स के मुद्दे पर छिड़ी जंग

Punjab के आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर BJP ने कमर कस ली है। पार्टी ने AAP सरकार की विफलताओं—खासकर बढ़ते कर्ज, भ्रष्टाचार और ड्रग्स संकट—को चुनावी मुद्दा बनाते हुए राज्यव्यापी अभियान शुरू करने का ऐलान किया है।

पंजाब के सियासी मैदान में भाजपा ने आक्रामक रुख अपनाते हुए अपना चुनावी रोडमैप पेश कर दिया है। आने वाले विधानसभा चुनावों को देखते हुए बीजेपी अब सीधे तौर पर AAP सरकार को प्रशासनिक अराजकता और भ्रष्टाचार के मुद्दे पर घेरने की तैयारी कर रही है।

संगठन की ताकत पर जोर

पार्टी ने जमीनी स्तर पर पकड़ मजबूत करने के लिए 17 सितंबर, 2026 से 'सेवा संकल्प अभियान' की शुरुआत करने का फैसला किया है। इसके साथ ही 18 सितंबर, 2026 से चार बड़ी राजनीतिक 'यात्राएं' शुरू की जाएंगी, जो राज्य की सभी 117 विधानसभा सीटों तक पहुंचेंगी। बीजेपी की यह कोशिश राज्य में अपनी स्थिति को एक प्रमुख दावेदार के रूप में स्थापित करने की है।

वित्तीय संकट पर निशाना

बीजेपी ने इस चुनाव में पंजाब के बिगड़ते आर्थिक हालात को एक मुख्य स्तंभ बनाया है। पार्टी ने AAP सरकार पर राज्य के पब्लिक फाइनेंस को सही से मैनेज न करने और बार-बार मार्केट से कर्ज लेने का आरोप लगाया है। निवेशकों और अर्थशास्त्रियों के लिए यह चिंता का विषय है, क्योंकि राज्य पर बढ़ता कर्ज का बोझ भविष्य की सरकारी योजनाओं और राजकोषीय स्थिरता (Fiscal Stability) को प्रभावित कर सकता है।

गठबंधन और चुनावी गणित

फिलहाल, बीजेपी ने शिरोमणि अकाली दल (SAD) के साथ किसी भी गठबंधन को लेकर पत्ते नहीं खोले हैं। पार्टी का सारा ध्यान फिलहाल अपने सांगठनिक ढांचे को मजबूत करने पर है। कांग्रेस के भी विपक्षी खेमे में होने के कारण, पंजाब का अगला चुनाव एक बहुकोणीय मुकाबला (Multi-cornered contest) बनता दिख रहा है। आने वाले महीनों में राज्य की आर्थिक नीतियों और विकास कार्यों पर होने वाली चर्चाएं यह तय करेंगी कि निवेशकों का भरोसा किस दिशा में जाता है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.