Election Roll Revision: BJP का पलटवार, कहा- 13.3 करोड़ नाम हटाना महज प्रशासनिक प्रक्रिया

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AuthorMehul Desai|Published at:
Election Roll Revision: BJP का पलटवार, कहा- 13.3 करोड़ नाम हटाना महज प्रशासनिक प्रक्रिया

चुनावी रोल में हेरफेर के आरोपों पर BJP ने सफाई दी है। पार्टी का कहना है कि **13.3 करोड़** एंट्रीज का हटना एक सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया है, जबकि कांग्रेस ने इसे 'वोट-चोरी' करार देते हुए देशभर में विरोध प्रदर्शन का ऐलान किया है।

डेटा पर संग्राम

चुनाव आयोग की 'स्पेशल इंटेंसिव रिविजन' (SIR) प्रक्रिया पर राजनीतिक घमासान तेज हो गया है। BJP प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने साफ किया है कि हटाए गए 13.3 करोड़ नामों में मृत व्यक्ति, डुप्लीकेट रिकॉर्ड, पलायन कर चुके लोग और जिनका पता नहीं चल पाया है, वे शामिल हैं। पार्टी ने इसे चुनावी लिस्ट को 'शुद्ध' करने का एक जरूरी कदम बताया है ताकि धांधली को रोका जा सके।

कांग्रेस का 'वोट बचाओ' अभियान

दूसरी तरफ, इंडियन नेशनल कांग्रेस ने इन बदलावों को लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर हमला बताया है। पार्टी ने 10 अक्टूबर, 2026 से 'वोट बचाओ, देश बचाओ' नाम से राष्ट्रव्यापी विरोध प्रदर्शन की घोषणा की है। साथ ही, कांग्रेस ने चुनाव आयोग के टॉप नेतृत्व पर भी निशाना साधा है।

आंतरिक कलह और सुप्रीम कोर्ट की एंट्री

इस मामले ने चुनाव आयोग के भीतर की दरार को भी उजागर कर दिया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, इलेक्शन कमिश्नर सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में आयोग के कई फैसलों पर अपनी आपत्ति दर्ज कराई थी।

मामले की गंभीरता को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग और सरकार को नोटिस जारी कर पारदर्शिता पर जवाब मांगा है। हालांकि अभी कोर्ट ने कोई फैसला नहीं सुनाया है, लेकिन इस न्यायिक हस्तक्षेप ने राजनीतिक गलियारों में हलचल बढ़ा दी है। फिलहाल, जनता के लिए जरूरी है कि वे अपना स्टेटस चेक करें और नाम हटने पर 'फॉर्म 6' भरें।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.