BHARAT Bond ETF April 2033: 3 महीने में सबसे ज़्यादा रिटर्न, निवेशकों की बल्ले-बल्ले!

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
BHARAT Bond ETF April 2033: 3 महीने में सबसे ज़्यादा रिटर्न, निवेशकों की बल्ले-बल्ले!

BHARAT Bond ETF, जो अप्रैल 2033 में मैच्योर हो रहा है, पिछले तीन महीनों में सबसे ज़्यादा रिटर्न देने वाला डेट ETF बनकर उभरा है। इसने **2.7%** का ज़बरदस्त रिटर्न दिया है, जो दूसरे डेट ETFs से कहीं आगे है।

Detailed Coverage

BHARAT Bond ETF: निवेशकों के लिए क्यों है खास?

आंकड़ों के मुताबिक, 21 जुलाई तक BHARAT Bond ETF (अप्रैल 2033 मैच्योरिटी) ने 2.7% का रिटर्न दिया है। वहीं, इससे मिलते-जुलते दूसरे फंड्स, जैसे कि अप्रैल 2032 और अप्रैल 2031 में मैच्योर होने वाले ETFs ने भी क्रमशः 2.6% और 2.4% का रिटर्न दर्ज किया है। ये फंड्स निवेशकों को सरकारी सिक्योरिटीज के एक अच्छे पोर्टफोलियो में निवेश का मौका देते हैं।

एसेट साइज़ और मार्केट में पोजीशन

जब इन फंड्स का मूल्यांकन किया जाता है, तो एसेट साइज़ (Asset Size) लिक्विडिटी (Liquidity) के लिए एक अहम पैमाना होता है। टॉप पांच डेट ETFs में, जिनका एसेट ₹1,500 करोड़ से ज़्यादा है, BHARAT Bond ETF (अप्रैल 2031 मैच्योरिटी) सबसे बड़े फंड्स में से एक है, जिसका कुल एसेट ₹13,467.9 करोड़ है। इतनी बड़ी रकम होने से स्टॉक एक्सचेंजों पर इन फंड्स की खरीद-बिक्री आसान हो जाती है, खासकर छोटे फंड्स के मुकाबले।

बेंचमार्क के मुकाबले परफॉरमेंस

इन फंड्स के परफॉरमेंस के आंकड़े दिखाते हैं कि ये अपने अंडरलाइंग इंडेक्स (Underlying Index) से लगातार बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं। अप्रैल 2033 मैच्योरिटी वाले फंड ने एक साल में अपने बेंचमार्क से 3.0% ज़्यादा रिटर्न दिया, जबकि बेंचमार्क ने खुद 2.0% का रिटर्न दर्ज किया। इसी तरह, तीन साल के नज़रिए से देखें तो इस फंड ने बेंचमार्क से 1.1% ज़्यादा रिटर्न दिया, जबकि बेंचमार्क ने 6.7% का रिटर्न दिया था। ये आंकड़े निवेशकों को यह समझने में मदद करते हैं कि फंड मैनेजर अपने इंडेक्स को कितनी अच्छी तरह ट्रैक कर रहे हैं।

मैच्योरिटी साइकिल और रिटर्न

यह जानना ज़रूरी है कि किस ETF का प्रदर्शन सबसे अच्छा रहेगा, यह मापे गए समय के हिसाब से बदलता रहता है। जहाँ तीन महीने के लिए अप्रैल 2033 वाला फंड सबसे आगे था, वहीं एक साल और तीन साल के रिटर्न के मामले में अप्रैल 2032 मैच्योरिटी वाला फंड टॉप पर रहा, जिसने क्रमशः 5.1% और 7.8% का रिटर्न दिया। यह उतार-चढ़ाव टारगेट-मैच्योरिटी बॉन्ड फंड्स (Target-maturity bond funds) की एक सामान्य खासियत है, क्योंकि इनका प्रदर्शन सीधे तौर पर ब्याज दरों (Interest Rate) और बॉन्ड की मैच्योरिटी डेट से जुड़ा होता है।

डेट ETFs, म्यूचुअल फंड्स से अलग होते हैं क्योंकि ये स्टॉक की तरह एक्सचेंजों पर ट्रेड होते हैं। निवेशकों को यह ध्यान रखना चाहिए कि उनके असल रिटर्न, ETF यूनिट्स को खरीदने या बेचने के बाजार भाव से प्रभावित हो सकते हैं, जो कभी-कभी नेट एसेट वैल्यू (Net Asset Value) से थोड़ा अलग हो सकता है। भविष्य के प्रदर्शन को देखते हुए, भारत में बदलती ब्याज दरें और बाज़ार में अस्थिरता के दौरान इन ETFs की लिक्विडिटी पर नज़र रखना ज़रूरी होगा।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.