कंपनी के नतीजों में सबसे खास बात फॉर्मूलेशन बिजनेस का शानदार प्रदर्शन रहा, जिसने ₹7,683 करोड़ का रेवेन्यू दिया, जो पिछले साल के मुकाबले 10% ज्यादा है। यह कंपनी के कुल रेवेन्यू का लगभग 89% रहा। वहीं, EBITDA में 9% की बढ़ोतरी के साथ यह ₹1,773 करोड़ पर पहुंच गया, जिससे EBITDA मार्जिन 20.5% पर बना रहा। हालांकि, एक बार के ₹65 करोड़ के लेबर कोड अमेंडमेंट खर्च के कारण नेट प्रॉफिट ₹910 करोड़ रहा।
भौगोलिक मोर्चे पर, यूरोप कंपनी के लिए एक बड़ा ग्रोथ इंजन साबित हुआ। यहां रेवेन्यू में 27% की जोरदार बढ़ोतरी हुई, जो ₹2,703 करोड़ (€261 मिलियन) तक पहुंच गया। मैनेजमेंट को उम्मीद है कि इस फाइनेंशियल ईयर (FY26) के अंत तक यूरोप से सालाना रेवेन्यू €1 बिलियन को पार कर जाएगा।
अमेरिका के बाजार में भी कंपनी ने अच्छी ग्रोथ दर्ज की। अमेरिका के फॉर्मूलेशन बिजनेस से USD 420 मिलियन (gRevlimid सेल्स को छोड़कर) का रेवेन्यू आया, और अमेरिका में इंजेक्टेबल सेल्स 17% बढ़ीं। इस तिमाही में अमेरिका में 9 नए प्रोडक्ट लॉन्च किए गए और 7 अप्रूवल हासिल हुए।
API (Active Pharmaceutical Ingredient) बिजनेस ने ₹963 करोड़ का योगदान दिया, जो कुल रेवेन्यू का 11% है। ARV (एंटी-रेट्रोवायरल) फॉर्मूलेशन बिजनेस में 22% की ग्रोथ के साथ ₹376 करोड़ (USD 42 मिलियन) का रेवेन्यू दर्ज किया गया।
कंपनी का ग्रॉस मार्जिन 59.7% पर मजबूत रहा। रिसर्च एंड डेवलपमेंट (R&D) पर ₹409 करोड़ खर्च किए गए, जो कुल रेवेन्यू का 5% है। कंपनी ने इस तिमाही में USD 118 मिलियन का नेट कैश इन्फ्लो भी जेनरेट किया।
भविष्य को लेकर मैनेजमेंट काफी आशावादी है। कंपनी Q4 FY26 तक EBITDA ब्रेक-ईवन हासिल करने का लक्ष्य लेकर चल रही है, और अगले फाइनेंशियल ईयर (FY27) में EBITDA में अच्छी ग्रोथ का अनुमान लगाया है। कंपनी FY26 के लिए अपने 20% से 21% EBITDA मार्जिन रेंज के ऊपरी छोर को टारगेट कर रही है।
कंपनी की ग्रोथ स्ट्रेटेजी में Pen-G फैसिलिटी का तेजी से आगे बढ़ना शामिल है, जिसकी सालाना प्रोडक्शन 10,000 मीट्रिक टन से ज्यादा होने की उम्मीद है। भारत सरकार की Pen-G पर मिनिमम इम्पोर्ट प्राइस (MIP) की घोषणा घरेलू मैन्युफैक्चरर्स के लिए एक बड़ा बूस्ट है।
इसके अलावा, Lannett एक्विजिशन भी कंपनी के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। इसके लिए रेगुलेटरी अप्रूवल का इंतजार है और यह Q1 FY27 तक पूरा होने की उम्मीद है। यह एक्विजिशन अमेरिका में कंपनी की स्थिति को और मजबूत करेगा।
Aurobindo का बायोसिमिलर स्ट्रैटेजी भी रफ्तार पकड़ रहा है, और 2029 तक इससे महत्वपूर्ण प्रदर्शन की उम्मीद है। कुल मिलाकर, कंपनी के शानदार नतीजे और भविष्य की मजबूत स्ट्रेटेजी निवेशकों के लिए सकारात्मक संकेत दे रही है।
