भारतीय प्राइमरी मार्केट में ज़बरदस्त तेज़ी देखने को मिल रही है। इस अगस्त में 11 कंपनियाँ मेनबोर्ड IPO के ज़रिए कुल ₹21,272 करोड़ जुटाने की तैयारी में हैं। जुलाई में रिकॉर्ड तोड़ कलेक्शन के बाद, इस हफ़्ते डेरी, लॉजिस्टिक्स और ऑटो कंपोनेंट्स जैसे सेक्टर से कई नए IPO आ रहे हैं। हाल ही में लिस्ट हुई कंपनियों के प्रदर्शन के बावजूद, निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे वैल्यूएशन और कंपनी के फंडामेंटल्स को ध्यान से देखें, क्योंकि बाज़ार में नए शेयर्स की सप्लाई बढ़ रही है।
'IPOgust' में दिखेगा एक्शन
साल 2026 का दूसरा हिस्सा शुरू होते ही इंडियन प्राइमरी मार्केट में हलचल तेज़ हो गई है। साल की शुरुआत में अनिश्चितता और वोलैटिलिटी के कारण कई कंपनियाँ IPO लाने से कतरा रही थीं, लेकिन अब अगस्त महीने में बाज़ार में ज़बरदस्त तेज़ी देखने को मिल रही है। बाज़ार के कुछ जानकारों द्वारा इस महीने को 'IPOgust' का नाम दिया गया है। इस महीने 11 मेनबोर्ड IPO आ रहे हैं, जिनका लक्ष्य कुल ₹21,272 करोड़ जुटाना है। यह तेज़ी जुलाई के शानदार प्रदर्शन के बाद आई है, जब 12 कंपनियों ने ₹28,648 करोड़ जुटाए थे, जो कि 2026 के पहले सात महीनों के कुल फंड जुटाने का आधे से ज़्यादा था।
फंड जुटाने में आया बड़ा उछाल
यह स्थिति साल की पहली छमाही से एकदम अलग है, जब 27 IPO के ज़रिए कुल ₹22,572 करोड़ ही जुटाए गए थे। बाज़ार के सुधरे सेंटिमेंट ने कंपनियों को अपनी फंड जुटाने की योजनाओं को आगे बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित किया है। हाल ही में हुई लिस्टिंग ने नई कंपनियों के लिए एक अच्छा माहौल बनाया है; उदाहरण के लिए, Manipal Health Enterprises, Juniper Green Energy, और MV Electrosystems अगस्त की शुरुआत में 9% से 22% तक के अच्छे लिस्टिंग गेन के साथ बाज़ार में उतरे।
आने वाले हफ़्ते में IPO की भरमार
10 अगस्त से शुरू होने वाले हफ़्ते में निवेशकों के लिए IPO की एक लंबी लिस्ट इंतज़ार कर रही है। ऑटो-कंपोनेंट सेक्टर की एक बड़ी कंपनी Dhoot Transmission, 10 अगस्त को अपना ₹3,066.89 करोड़ का इश्यू खोलेगी। इसी दिन Molbio Diagnostics भी अपना ₹939.70 करोड़ का IPO लॉन्च करेगी। इसके बाद 11 अगस्त को Milky Mist Dairy Food और 12 अगस्त को लॉजिस्टिक्स टेक्नोलॉजी प्लेटफॉर्म Shiprocket के IPO आएंगे। Behari Lal Engineering का IPO भी 12 अगस्त को खुलेगा। इसके अलावा, LEAP India और Technocraft Ventures जैसी कंपनियाँ 11 अगस्त को अपने सब्सक्रिप्शन पीरियड का समापन करेंगी।
निवेशकों के लिए ज़रूरी बातें
फिलहाल बाज़ार में निवेशकों का रुझान मज़बूत दिख रहा है, लेकिन इतने सारे नए IPO आने से कुछ बातों का ध्यान रखना ज़रूरी है। IPO की अधिक संख्या से बाज़ार में शेयर्स की सप्लाई बढ़ सकती है, जिससे कभी-कभी लिक्विडिटी पर हल्का दबाव आ सकता है। निवेशकों को कंपनी की क्वालिटी, उसके डेट लेवल और लिस्टेड साथियों की तुलना में इश्यू प्राइस कितना उचित है, इस पर ध्यान देना चाहिए।
पिछले बाज़ार चक्रों से पता चलता है कि लिस्टिंग पर बड़ा प्रीमियम मिलना हमेशा तय नहीं होता और यह लिस्टिंग के समय बाज़ार की सेंटिमेंट पर निर्भर करता है। इसके अलावा, डेरी या इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे कैपिटल-इंटेंसिव सेक्टर्स में कंपनियों को बढ़ने के लिए लगातार बड़े निवेश की ज़रूरत होती है, जिसका असर उनके कैश फ्लो पर पड़ सकता है। IPO की इस लहर के बीच, निवेशकों के लिए यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि बाज़ार इन नए शेयर्स की इतनी बड़ी मात्रा को कैसे एब्जॉर्ब करता है, और क्या इंस्टीट्यूशनल निवेशकों की मांग आने वाले IPO के लिए लगातार बनी रहती है।
