Atomberg IPO: ₹450 करोड़ जुटाने की तैयारी, पर ₹190 करोड़ के भारी बोनस का खुलासा! निवेशकों की बढ़ी चिंता

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
Atomberg IPO: ₹450 करोड़ जुटाने की तैयारी, पर ₹190 करोड़ के भारी बोनस का खुलासा! निवेशकों की बढ़ी चिंता

एनर्जी-एफिशिएंट होम अप्लायंसेज बनाने वाली कंपनी Atomberg Technologies ने IPO के लिए DRHP फाइल कर दिया है। कंपनी **₹450 करोड़** फ्रेश इश्यू से जुटाना चाहती है, लेकिन इसके ड्राफ्ट में **₹190 करोड़** के फाउंडर्स के लिए डेफर्ड बोनस लायबिलिटी का खुलासा हुआ है, जो कंपनी के कुल कैश का करीब **88%** है। घाटे में चल रही यह कंपनी SEBI के खास रूट से लिस्टिंग कर रही है, जिस पर इंस्टीट्यूशनल निवेशकों की सब्सक्रिप्शन का भारी दबाव है।

Atomberg IPO: क्या है ₹190 करोड़ के बोनस का मामला?

Atomberg Technologies, जो अपनी एनर्जी-एफिशिएंट होम अप्लायंसेज, खासकर BLDC सीलिंग फैंस के लिए जानी जाती है, ने इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) के लिए अपना ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रोस्पेक्टस (DRHP) SEBI के पास जमा कर दिया है। कंपनी फ्रेश इश्यू के जरिए ₹450 करोड़ जुटाने की योजना बना रही है। इस फंड का इस्तेमाल विस्तार, रिसर्च और कर्ज चुकाने में किया जाएगा।

लेकिन, इस IPO फाइलिंग में एक बड़ा खुलासा हुआ है जिसने निवेशकों का ध्यान खींचा है। कंपनी ने बताया है कि उसके फाउंडर्स Manoj Kumar Meena और Sibabrata Das के लिए ₹190 करोड़ का डेफर्ड बोनस (deferred bonus) बकाया है। मार्च 2026 तक यह देनदारी ₹190.09 करोड़ थी, जो फाइनेंशियल ईयर 2023 और 2024 में दिए गए बोनस से जुड़ी है।

यह रकम इसलिए अहम है क्योंकि यह कंपनी के कुल कैश और बैंक डिपॉजिट, जो पिछले फाइनेंशियल ईयर के अंत में ₹215.87 करोड़ थे, का लगभग 88% है। DRHP में इसे डेफर्ड बोनस बताया गया है, लेकिन यह कब और कैसे चुकाया जाएगा, इसकी कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई है। निवेशक अब इस बात का आकलन कर रहे हैं कि कहीं यह देनदारी कंपनी के कैश फ्लो पर दबाव तो नहीं बनाएगी, खासकर लिस्टिंग के बाद।

घाटे के बावजूद ग्रोथ की कहानी

Atomberg एक ऐसी कंपनी है जो तेजी से बढ़ रही है, लेकिन फिलहाल घाटे में है। फाइनेंशियल ईयर 2026 में कंपनी का नेट लॉस ₹148.88 करोड़ रहा, जो FY25 के ₹117.41 करोड़ के लॉस से ज्यादा है। हालांकि, कंपनी की आय (revenue from operations) में अच्छी खासी बढ़ोतरी हुई है। यह 34.8% बढ़कर ₹1,293.77 करोड़ हो गई है। होम अप्लायंसेज सेक्टर में अच्छी-खासी हिस्सेदारी पाने के लिए कंपनी को मार्केटिंग और R&D पर भारी निवेश करना पड़ रहा है।

SEBI का खास नियम और QIBs का दबाव

Atomberg का IPO SEBI के रेगुलेशन 6(2) रूट के तहत आ रहा है, जो उन कंपनियों के लिए है जो अभी तक प्रॉफिटेबल नहीं हुई हैं। इस रूट की एक खास शर्त यह है कि IPO का कम से कम 75% हिस्सा Qualified Institutional Buyers (QIBs) के लिए रिजर्व रखना होगा। अगर इन इंस्टीट्यूशनल निवेशकों से पर्याप्त डिमांड नहीं आई, तो पूरा IPO कैंसिल भी हो सकता है। इसलिए, Atomberg के लिए यह साबित करना जरूरी है कि उसकी ग्रोथ की कहानी उसके घाटे और देनदारियों से ज्यादा मजबूत है।

IPO से जुटाई जाने वाली ₹450 करोड़ की रकम में से ₹90 करोड़ कर्ज चुकाने, ₹150 करोड़ ब्रांड बिल्डिंग और मार्केटिंग, और ₹100 करोड़ रिसर्च और डेवलपमेंट के लिए इस्तेमाल होंगे। बाकी फंड्स का उपयोग सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों के लिए किया जाएगा। भविष्य में, निवेशकों की नजर कंपनी द्वारा फाउंडर बोनस भुगतान की समय-सीमा और उसके कैश रिजर्व पर पड़ने वाले संभावित असर पर रहेगी।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.