Assam के गोलपाड़ा में पुलिस ने 12 बांग्लादेशी नागरिकों को हिरासत में लिया है, जो कथित तौर पर ह्यूमन ट्रैफिकिंग का शिकार हुए हैं। यह मामला गुवाहाटी में अवैध रोजगार के वादों से जुड़ा है, जिससे क्षेत्रीय कंपनियों के लिए लेबर कंप्लायंस का जोखिम बढ़ सकता है।
Assam के गोलपाड़ा जिले में पुलिस ने 12 बांग्लादेशी नागरिकों को हिरासत में लिया है, जिनमें 3 बच्चे भी शामिल हैं। यह गिरफ्तारी ह्यूमन ट्रैफिकिंग नेटवर्क के खिलाफ चल रही जांच का हिस्सा है। शुरुआती जानकारी के अनुसार, ये लोग 5 अक्टूबर 2026 को मेघालय के जाफलॉन्ग सेक्टर के रास्ते भारत में दाखिल हुए थे।
जांच का दायरा बढ़ा
पकड़े गए लोगों ने बताया कि उन्हें एक ब्रोकर ने गुवाहाटी की एक फर्म में नौकरी दिलाने का झांसा दिया था। ब्रोकर ने भर्ती के नाम पर उनसे पैसे लिए और फिर गुवाहाटी रेलवे स्टेशन के पास छोड़कर फरार हो गया। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने संकेत दिए हैं कि प्रशासन अब इस पूरे नेटवर्क के पीछे के बिचौलियों और संदिग्ध कॉर्पोरेट कनेक्शनों की जांच कर रहा है।
बिजनेस पर असर और रिस्क
हालांकि अब तक किसी भी विशिष्ट कंपनी का नाम सामने नहीं आया है, लेकिन 11 अक्टूबर 2026 तक की स्थिति यह स्पष्ट करती है कि सीमावर्ती राज्यों में रोजगार और प्रवासन को लेकर प्रशासन काफी सख्त हो गया है। जो कंपनियां अधिक लेबर का उपयोग करती हैं, उनके लिए यह एक बड़ी चेतावनी है। अगर जांच में किसी बिजनेस एंटिटी का नाम जुड़ता है, तो संबंधित सेक्टर में रेगुलेटरी ऑडिट बढ़ सकते हैं, जिससे कामकाज में रुकावटें आ सकती हैं। कंपनियों को अपनी हायरिंग प्रोसेस में अब और भी सख्त ड्यू डिलिजेंस और बैकग्राउंड वेरिफिकेशन की जरूरत है ताकि कानूनी परेशानियों से बचा जा सके।
