Assam Police की स्पेशल टास्क फोर्स ने गुवाहाटी में दो लोगों को हिरासत में लिया है। इन पर पाकिस्तान से जुड़े ऑपरेटर्स को मिलिट्री इंटेलिजेंस लीक करने का आरोप है। एक आरोपी रिटायर्ड आर्मी सोल्जर है जो कॉन्ट्रैक्ट पर काम कर रहा था।
जासूसी का नेटवर्क और खुलासा
4 अक्टूबर, 2026 को असम पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने गुवाहाटी में एक खुफिया ऑपरेशन के जरिए इन दो संदिग्धों को पकड़ा। यह कार्रवाई केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों और तेजपुर स्थित 'गजराज कोर' (Gajraj Corps) की मिलिट्री इंटेलिजेंस से मिली पुख्ता जानकारी के बाद की गई। जांच में सामने आया है कि आरोपी लंबे समय से विदेशी हैंडलर्स को सेना की संवेदनशील जानकारी भेज रहे थे।
हनी-ट्रैपिंग का जाल
पकड़े गए लोगों में एक रिटायर्ड आर्मी जवान शामिल है, जो फिलहाल कॉन्ट्रैक्ट पर तैनात था। शुरुआती रिपोर्ट्स के अनुसार, ये आरोपी 'हनी-ट्रैपिंग' (Honey-trapping) के जाल में फंस गए थे। इस डिजिटल पैंतरे का इस्तेमाल कर उनसे सेना की मूवमेंट और लॉजिस्टिक्स से जुड़ी गोपनीय जानकारी उगलवाई गई। छापेमारी के दौरान पुलिस ने मौके से कई मोबाइल, सिम कार्ड और आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद किए हैं।
सुरक्षा घेरे पर सवाल
इस घटना ने संवेदनशील मिलिट्री जोन में काम करने वाले कॉन्ट्रैक्चुअल स्टाफ की सिक्योरिटी स्क्रीनिंग पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब दोनों आरोपियों को आगे की पूछताछ के लिए केंद्रीय जांच एजेंसियों को सौंपा जा रहा है ताकि इस सुरक्षा चूक की गहराई का पता लगाया जा सके। अब सभी की निगाहें इस जांच की रिपोर्ट पर टिकी हैं कि आखिर यह नेटवर्क कितना बड़ा है और किन-किन ठिकानों को टारगेट किया गया था।
