अंकिता भंडारी के परिवार ने Dushyant Kumar Gautam को सिक्किम का राज्यपाल बनाए जाने का कड़ा विरोध किया है। परिवार ने 2022 के ऋषिकेश मर्डर केस में उनके जुड़ाव के बेबुनियाद आरोप लगाए हैं और नियुक्ति रद्द करने की मांग की है।
2022 के चर्चित ऋषिकेश रिसॉर्ट हत्याकांड की पीड़ित अंकिता भंडारी का परिवार अब एक नई कानूनी और राजनीतिक जंग में उतर आया है। परिवार ने Dushyant Kumar Gautam को सिक्किम का राज्यपाल नियुक्त किए जाने के फैसले पर कड़ा ऐतराज जताया है। परिजनों का आरोप है कि इस केस के 'VIP एंगल' में उनका नाम जोड़ा जा रहा है, हालांकि इसके कोई पुख्ता प्रमाण सामने नहीं आए हैं।
दिल्ली में प्रदर्शन और चेतावनी
हाल ही में, अंकिता के परिवार ने दिल्ली में इस नियुक्ति के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया, जिसके बाद उन्हें पुलिस ने हिरासत में भी लिया था। परिवार ने केंद्र सरकार को चेतावनी दी है कि यदि यह नियुक्ति वापस नहीं ली गई, तो वे देशव्यापी आंदोलन शुरू करेंगे। समर्थक लगातार इस मामले की सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच की मांग उठा रहे हैं।
कानूनी दांव-पेच
ऋषिकेश के वनंत्रा रिसॉर्ट के मालिक Pulkit Arya को इस हत्या के मामले में पहले ही उम्रकैद की सजा सुनाई जा चुकी है। वहीं, Dushyant Gautam, जो BJP के राष्ट्रीय महासचिव रहे हैं, ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उन्होंने अपनी छवि खराब करने के खिलाफ मानहानि (Defamation) का मुकदमा दायर करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। उनके अनुसार, ये आरोप पूरी तरह से निराधार और राजनीतिक रूप से प्रेरित हैं।
अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि सरकार इस अल्टीमेटम पर क्या रुख अपनाती है और कानूनी प्रक्रिया आगे क्या मोड़ लेती है।
