Anicut Capital का बड़ा प्लान: ₹3,000 करोड़ जुटाएगी कंपनी, नए फंड्स में होगा निवेश

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AuthorNeha Patil|Published at:
Anicut Capital का बड़ा प्लान: ₹3,000 करोड़ जुटाएगी कंपनी, नए फंड्स में होगा निवेश

चेन्नई की Anicut Capital अगले 15 से 18 महीनों में चार नए फंड्स के जरिए ₹3,000 करोड़ जुटाने की तैयारी में है। कंपनी अब तक ₹500-600 करोड़ की राशि सुरक्षित कर चुकी है, जिसका बड़ा हिस्सा ब्रिज और अधिग्रहण फाइनेंसिंग के लिए प्राइवेट क्रेडिट में जाएगा। यह कदम ग्लोबल निवेश ट्रेंड्स में बदलाव के बीच घरेलू पूंजी स्रोतों की ओर एक बड़ा कदम दर्शाता है।

Anicut Capital का ₹3,000 करोड़ जुटाने का प्लान

चेन्नई स्थित अल्टरनेटिव एसेट मैनेजर Anicut Capital ने अपने निवेश पोर्टफोलियो को मजबूत करने के लिए ₹3,000 करोड़ की एक बड़ी फंड जुटाने की पहल की घोषणा की है। यह लक्ष्य अगले 15 से 18 महीनों में पूरा होने की उम्मीद है। कंपनी इस पूंजी को चार अलग-अलग फंडों में निवेश करने की योजना बना रही है, जिसमें तीन इक्विटी रणनीतियों के लिए और एक प्राइवेट क्रेडिट पर केंद्रित होगा।

फंड का आवंटन और निवेश रणनीति

कुल लक्ष्य राशि में से, Anicut Capital ने अपने लिमिटेड पार्टनर्स (LPs) से ₹500 करोड़ से ₹600 करोड़ की प्रतिबद्धता पहले ही हासिल कर ली है। कंपनी जुटाए गए कुल फंड का 60% अपने प्राइवेट क्रेडिट फंड में निवेश करने की योजना बना रही है। यह क्रेडिट रणनीति मुख्य रूप से कॉर्पोरेट फाइनेंसिंग की जरूरतों, जैसे ब्रिज लोन, अधिग्रहण सहायता और बायआउट फाइनेंसिंग पर केंद्रित है। कंपनी ऐसे व्यवसायों पर ध्यान केंद्रित करने पर जोर देती है जो पॉजिटिव कैश फ्लो बनाए रखते हैं और अपने अकाउंट्स रिसीवेबल का अनुशासित प्रबंधन प्रदर्शित करते हैं।

शेष पूंजी को तीन इक्विटी फंडों के बीच बांटा जाएगा। इन फंडों को बिजनेस डेवलपमेंट के विभिन्न चरणों, जैसे अर्ली-स्टेज, सीरीज ए और लेट-स्टेज निवेशों को पूरा करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। कंपनी की इक्विटी रणनीति वर्तमान में कंज्यूमर गुड्स, फाइनेंशियल सर्विसेज और विशिष्ट मैन्युफैक्चरिंग सेग्मेंट्स जैसे क्षेत्रों पर केंद्रित है, हालांकि बाजार की बदलती परिस्थितियों के अनुकूल होने की लचीलापन भी बरकरार है।

पूंजी का विस्तार और पैमाना

Anicut Capital वर्तमान में छह मौजूदा फंडों में लगभग ₹4,500 करोड़ की संपत्ति का प्रबंधन करती है, जो प्राइवेट क्रेडिट और इक्विटी के बीच समान रूप से विभाजित हैं। कंपनी के हालिया ट्रैक रिकॉर्ड में दिसंबर 2025 में इसके ग्रोथ फंड IV का क्लोजर शामिल है, जिसमें से 90% से अधिक कॉर्पस पहले ही विभिन्न व्यवसायों में लगाया जा चुका है। नए फंडों के लिए, कंपनी इक्विटी डील्स के लिए ₹20 करोड़ से ₹80 करोड़ तक के चेक साइज और डेट डिस्बर्समेंट के लिए ₹30 करोड़ से ₹100 करोड़ के बीच की उम्मीद करती है।

बाजार का दृष्टिकोण और भविष्य के संकेतक

प्रबंधन ने निवेश के माहौल में बदलाव देखा है। उन्होंने बताया कि भू-राजनीतिक तनाव, अस्थिर तेल की कीमतों और व्यापक मैक्रोइकॉनॉमिक अस्थिरता के संयोजन के कारण भारत में विदेशी निवेशकों की रुचि हाल ही में कम हुई है। इस सबके बावजूद, कंपनी फैमिली ऑफिस, संस्थानों और हाई-नेट-वर्थ व्यक्तियों (HNIs) से घरेलू पूंजी की बढ़ती क्षमता को लेकर आशावादी बनी हुई है।

निवेशक ₹3,000 करोड़ के लक्ष्य को पूरा करने में कंपनी की प्रगति पर नज़र रख सकते हैं, क्योंकि पूंजी तैनाती की गति एक टाइट मार्केट में व्यवहार्य निवेश के अवसरों की पहचान करने की उसकी क्षमता का एक प्रमुख संकेतक होगी। इसके अलावा, कंपनी ने IPO बाजार में मौजूदा नरमी को एक संभावित अवसर के रूप में इंगित किया है, क्योंकि पूंजी की तलाश करने वाली कंपनियां प्राइवेट फंडिंग स्रोतों की ओर रुख कर सकती हैं, जो निवेशकों के लिए बेहतर मूल्यांकन की पेशकश कर सकती हैं। भविष्य में मुख्य निगरानी योग्य बिंदु पूंजी तैनाती की गति बनाए रखने की कंपनी की क्षमता और उच्च-ब्याज दर वाले माहौल में इसके प्राइवेट क्रेडिट पोर्टफोलियो का प्रदर्शन होगा।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.