Andy Burnham बने UK के नए प्रधानमंत्री: सोमवार को लेंगे पदभार

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Andy Burnham बने UK के नए प्रधानमंत्री: सोमवार को लेंगे पदभार

ब्रिटेन में नेतृत्व परिवर्तन होने वाला है। Andy Burnham सोमवार को नए प्रधानमंत्री के रूप में शपथ लेंगे, वे Keir Starmer की जगह लेंगे। लेबर पार्टी के **349** में से **401** सांसदों का समर्थन हासिल कर Burnham ने सरकार का नेतृत्व करने की कमान संभाली है। यह बदलाव बिना आम चुनाव के हो रहा है क्योंकि सत्तारूढ़ लेबर पार्टी के पास संसदीय बहुमत है।

सोमवार को Andy Burnham संभालेंगे PM का पद

ब्रिटेन में सोमवार को नेतृत्व बदलने वाला है। अनुभवी नेता Andy Burnham को प्रधानमंत्री के तौर पर शपथ दिलाई जाएगी। वे पिछले महीने इस्तीफा देने वाले Keir Starmer की जगह लेंगे। लेबर पार्टी के 401 में से 349 सांसदों का समर्थन मिलने के बाद Burnham का प्रधानमंत्री बनना तय हुआ है।

कैसे हुआ यह नेतृत्व परिवर्तन?

ब्रिटिश संसदीय प्रणाली के तहत, जिस पार्टी के पास संसद में बहुमत होता है, उसका नेता प्रधानमंत्री बनता है। चूँकि लेबर पार्टी के पास बहुमत है, इसलिए पार्टी को आम चुनाव कराए बिना मध्य-अवधि में नया नेता चुनने का अधिकार है। यह बदलाव सोमवार को बकिंघम पैलेस में Burnham और किंग चार्ल्स III की मुलाकात के बाद आधिकारिक हो जाएगा। इस निजी समारोह को 'Kissing of Hands' के नाम से जाना जाता है, जिसके बाद नए प्रधानमंत्री डाउनिंग स्ट्रीट जाकर अपना पहला आधिकारिक भाषण देंगे।

Keir Starmer के इस्तीफे की वजह

Keir Starmer का कार्यकाल दो साल से भी कम का रहा। मई में हुए स्थानीय चुनावों में खराब प्रदर्शन और जेफ्री एपस्टीन से जुड़े एक राजदूत की नियुक्ति जैसी राजनीतिक विवादों ने उन पर काफी दबाव डाला। इन घटनाओं के चलते उन्होंने पद से हटने का फैसला किया।

ब्रिटेन के राजनीतिक इतिहास में एक और बदलाव

यह पिछले एक दशक में सातवीं बार है जब ब्रिटेन को नया प्रधानमंत्री मिल रहा है। देश की व्यवस्था पार्टी के भीतर ही नेतृत्व प्रतियोगिता की अनुमति देती है, जिसका उपयोग हाल के वर्षों में कई बार किया गया है। Theresa May, Boris Johnson, Liz Truss और Rishi Sunak जैसे पिछले प्रधानमंत्रियों ने भी आम चुनाव के बजाय पार्टी नेतृत्व की दौड़ के माध्यम से पद संभाला था। अब जब Burnham कमान संभालने के लिए तैयार हैं, तो उनका ध्यान अपनी सरकार की नीतिगत दिशा और देश के सामने मौजूद तत्काल राजनीतिक व आर्थिक चुनौतियों से निपटने पर होगा। उम्मीद है कि आने वाले सप्ताह में वे अपनी पहली औपचारिक घोषणाएं करेंगे और अपनी कैबिनेट का गठन करेंगे।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.