Andhra Pradesh पर Cyclone Murasu का खतरा मंडरा रहा है। राज्य सरकार ने पड़ोसी राज्यों से मदद मांगी है ताकि पावर ग्रिड को पिछले Cyclone Arnab जैसी तबाही से बचाया जा सके और तेजी से रिकवरी की जा सके।
चक्रवात का संकट और तैयारी
Cyclone Murasu के 2 नवंबर की देर रात से 3 नवंबर की सुबह के बीच Bapatla तट से टकराने की आशंका है। इस दौरान हवा की रफ्तार 100-110 किमी प्रति घंटा रहने का अनुमान है, जो 120 किमी प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। बिजली विभाग और इंडस्ट्रियल यूनिट्स को कम से कम नुकसान हो, इसके लिए युद्धस्तर पर तैयारी की जा रही है।
मुख्यमंत्री ने कमान संभाली
मुख्यमंत्री N. Chandrababu Naidu ने पड़ोसी राज्यों Tamil Nadu और Karnataka से तालमेल बिठाया है ताकि जरूरत पड़ने पर वहां से अतिरिक्त मैनपावर और मशीनरी बुलाई जा सके। बिजली विभाग के स्टाफ को अलर्ट पर रखा गया है और खंभों, ट्रांसफार्मर व अन्य जरूरी उपकरणों का स्टॉक पहले ही संवेदनशील इलाकों में पहुंचा दिया गया है।
आर्थिक नुकसान का खतरा
हाल ही में आए Cyclone Arnab ने तगड़ा झटका दिया था, जिसमें करीब 15,000 बिजली के खंभे उखड़ गए थे। अकेले पावर इंफ्रास्ट्रक्चर को ₹500 करोड़ का नुकसान हुआ था, जबकि कुल आर्थिक क्षति ₹4,600 करोड़ के आसपास आंकी गई थी।
लॉजिस्टिक चुनौतियां
सरकार अब एक 'टियर्ड रिस्पॉन्स' रणनीति पर काम कर रही है। जिन इलाकों में Cyclone Arnab का काम पूरा हो चुका है, वहां की टीमों को अब संभावित रूप से प्रभावित होने वाले नए इलाकों में भेजा जा रहा है। निवेशक और मार्केट एक्सपर्ट्स अब इस बात पर नजर रखे हुए हैं कि क्या यह दोहरी आपदा राज्य के बजट पर कितना अतिरिक्त बोझ डालेगी और बहाली का काम कितनी तेजी से हो पाता है।
