आंध्र प्रदेश स्टेट इलेक्शन कमीशन ने पुलीवेंदुला के कुछ वार्डों में दोबारा मतदान (repolling) के आदेश दिए हैं। बीते **1 नवंबर, 2026** को स्थानीय निकाय चुनाव के दौरान हुई हिंसा और आगजनी के बाद यह कदम उठाया गया है, जिसे क्षेत्रीय स्थिरता के लिहाज से अहम माना जा रहा है।
चुनावी हिंसा का तांडव\n\nकडापा जिले में अर्बन लोकल बॉडी चुनाव के दौरान स्थिति काफी तनावपूर्ण हो गई थी। पुलीवेंदुला नगरपालिका के कई वार्डों में हुई हिंसा के कारण स्टेट इलेक्शन कमीशन को सख्त रुख अपनाना पड़ा। इस दौरान वाहनों में आगजनी, संपत्तियों को नुकसान और जमकर मारपीट की घटनाएं सामने आईं।\n\n### राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप\n\nचुनाव के दौरान YSR कांग्रेस पार्टी और तेलुगु देशम पार्टी (TDP) के कार्यकर्ताओं के बीच हिंसक झड़प हुई। यहां तक कि कवरेज कर रहे मीडियाकर्मियों को भी निशाना बनाया गया, जिससे क्षेत्र में कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठ खड़े हुए हैं। \n\nपूर्व मुख्यमंत्री YS Jagan Mohan Reddy ने बूथ कैप्चरिंग और वोटर सप्रेशन का आरोप लगाते हुए धरना दिया है, जबकि दूसरी ओर आंध्र प्रदेश के IT मंत्री Nara Lokesh ने इन आरोपों को खारिज करते हुए विपक्षी दलों को अस्थिरता फैलाने का जिम्मेदार ठहराया है।\n\n### निवेश और प्रशासनिक स्थिरता पर नजर\n\nकारोबारी और स्टेकहोल्डर्स के लिए यह घटना राजनीतिक अस्थिरता का संकेत हो सकती है। किसी भी क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों की निरंतरता के लिए प्रशासनिक स्थिरता अनिवार्य है। प्रशासन अब 2 नवंबर, 2026 को होने वाले री-पोलिंग को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने पर पूरा ध्यान दे रहा है। निवेशक और विशेषज्ञ इस घटनाक्रम पर बारीक नजर बनाए हुए हैं ताकि राज्य की राजनीतिक स्थिति का अंदाजा लगाया जा सके।