आंध्र प्रदेश के पूर्व सीएम YS Jagan Mohan Reddy ने **16,000** पदों के लिए हो रही 2025 मेगा DSC टीचर भर्ती में कथित अनियमितताओं की CBI जांच की मांग की है। विपक्ष जहां भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता पर सवाल उठा रहा है, वहीं शिक्षा मंत्री Nara Lokesh ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है।
CBI जांच की मांग क्यों?
पूर्व मुख्यमंत्री YS Jagan Mohan Reddy ने राज्य सरकार और गवर्नर S Abdul Nazeer को पत्र लिखकर 16,000 टीचरों की भर्ती प्रक्रिया में निष्पक्षता के लिए CBI जांच की मांग की है। विपक्ष का आरोप है कि भर्ती नियमों में मनमाने बदलाव किए गए हैं, जिससे पूरी चयन प्रक्रिया की पारदर्शिता खत्म हो गई है।
यह विवाद तब और गहरा गया जब विजयवाड़ा में Sports Authority of Andhra Pradesh (SAAP) के ऑफिस के बाहर प्रदर्शन हुए। प्रदर्शनकारी स्पोर्ट्स कोटे (Sports Quota) के आवंटन को लेकर अपनी चिंताएं जाहिर कर रहे हैं।
सरकार का क्या है रुख?
शिक्षा मंत्री Nara Lokesh ने इन सभी आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताया है। मंत्री ने साफ कहा है कि भर्ती पूरी तरह पारदर्शी तरीके से हो रही है। उन्होंने विपक्ष पर उन समूहों को समर्थन देने का आरोप लगाया है जो भर्ती प्रक्रिया में बाधा डाल रहे हैं।
आगे क्या हो सकता है?
आंध्र प्रदेश में यह खींचतान अब प्रशासनिक स्थिरता के लिहाज से अहम हो गई है। अगर इस मामले में कोई कानूनी हस्तक्षेप होता है, तो भर्ती प्रक्रिया में देरी की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। सरकारी कामकाज और नियुक्तियों की गति पर नजर रखने वाले निवेशकों और जानकारों के लिए यह स्थिति फिलहाल बनी हुई है।
