Andhra Paper Ltd की मुश्किलें बढ़ गई हैं। आंध्र प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने वेस्ट डिस्चार्ज के नियमों का उल्लंघन करने पर कंपनी पर **₹21.01 करोड़** का जुर्माना लगाया है। टैक्स चोरी के आरोपों के साथ मिलकर यह स्थिति कंपनी के लिए बड़ी मुसीबत बन गई है।
प्रदूषण नियमों का उल्लंघन
आंध्र प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (APPCB) ने Andhra Paper Ltd पर ₹21.01 करोड़ का भारी-भरकम जुर्माना लगाया है। यह एक्शन तब लिया गया जब जांच में पाया गया कि कंपनी कादियाम यूनिट से प्रदूषित पानी को सीधे गोदावरी नदी में छोड़ रही थी।
बोर्ड की रिपोर्ट के अनुसार, फैक्ट्री के एफ्लुएंट में Biochemical Oxygen Demand (BOD), फास्फेट और सल्फाइड का स्तर तय सीमा से काफी ज्यादा पाया गया। हैरानी की बात यह है कि कंपनी को कई बार नोटिस भेजे गए और सुधार के मौके दिए गए, लेकिन कंपनी ने इसे गंभीरता से नहीं लिया।
टैक्स चोरी का विवाद
जुर्माने के अलावा, कंपनी एक और बड़े कानूनी विवाद में फंस गई है। राज्य के उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण ने आरोप लगाया है कि Andhra Paper ने 2016 से लेकर अब तक लगभग ₹21.34 करोड़ के स्थानीय टैक्स का भुगतान नहीं किया है। इस दोहरे दबाव के कारण कंपनी पर सरकारी अधिकारियों की कड़ी नजर बनी हुई है।
ऑपरेशन्स पर खतरा
कंपनी के लिए ये चुनौतियां नई नहीं हैं। इससे पहले मई 2026 में कादियाम यूनिट को लेबर स्ट्राइक के चलते तालाबंदी का सामना करना पड़ा था। निवेशकों के लिए चिंता की बात यह है कि यदि कंपनी ने पर्यावरणीय मानकों को पूरा नहीं किया, तो भविष्य में प्लांट को अस्थायी रूप से बंद करने या लाइसेंस रद्द करने जैसी सख्त कार्रवाई भी हो सकती है। अब निवेशकों को कंपनी की तरफ से आने वाले एक्सचेंज फाइलिंग्स पर बारीक नजर रखनी होगी, ताकि यह पता चल सके कि इन कानूनी अड़चनों का असर कंपनी के मुनाफे पर कितना पड़ेगा।
