Amit Shah: नवंबर में चुनावी रैलियों का बिगुल फूंकेंगे अमित शाह, वोटर लिस्ट विवाद पर BJP का बड़ा दांव

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AuthorNeha Patil|Published at:
Amit Shah: नवंबर में चुनावी रैलियों का बिगुल फूंकेंगे अमित शाह, वोटर लिस्ट विवाद पर BJP का बड़ा दांव

केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah नवंबर में हैदराबाद और करनाल में BJP की रैलियों को संबोधित करेंगे। इसका मकसद विपक्ष के आरोपों का जवाब देना और वोटर लिस्ट से हटाई गई नामों की प्रक्रिया को स्पष्ट करना है।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने तेलंगाना और हरियाणा में अपनी सियासी ताकत दिखाने की पूरी तैयारी कर ली है। केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah आगामी 2 नवंबर को हैदराबाद और 5 नवंबर को करनाल में 'सेव डेमोक्रेसी, एंड मोबोक्रेसी' (Save Democracy, End Mobocracy) रैलियों का नेतृत्व करेंगे। यह कार्यक्रम विपक्ष द्वारा लगाए गए उन आरोपों का सीधा जवाब है, जिनमें वोटर लिस्ट में छेड़छाड़ का दावा किया गया है।

क्या है विवाद की जड़?

विपक्ष ने दावा किया है कि वोटर लिस्ट से करीब 13 करोड़ नाम हटाए गए हैं, जिसे उन्होंने वोट चोरी करार दिया है। इसके जवाब में BJP का कहना है कि यह केवल एक प्रशासनिक प्रक्रिया है। पार्टी के अनुसार, लिस्ट से हटाए गए नाम 'ASDD' यानी 'एब्सेंट, शिफ्टेड, डेड और डुप्लीकेट' कैटेगरी के हैं। इसमें लगभग 28 लाख मृतक, 60 लाख लोग जो जगह बदल चुके हैं, और करीब 10 लाख ऐसे लोग शामिल हैं जो एक से ज्यादा जगहों पर रजिस्टर्ड थे।

स्थानीय मुद्दों पर फोकस

सिर्फ डेटा की लड़ाई ही नहीं, बल्कि BJP स्थानीय गवर्नेंस और विकास के मुद्दों को भी हवा दे रही है। तेलंगाना में पार्टी ने राज्य के 300 से अधिक मंडलों में पानी की किल्लत और सूखे जैसे हालात का मुद्दा उठाया है। इन रैलियों के जरिए BJP का लक्ष्य विपक्षी कैंपेन के नैरेटिव को काटकर अपने विकास के एजेंडे को जनता के सामने रखना है।

राजनीतिक जानकारों के मुताबिक, नवंबर में होने वाली ये रैलियां आने वाले चुनाव चक्र की तीव्रता को दर्शाती हैं। भले ही इसका सीधा असर शेयर बाजार पर न हो, लेकिन राजनीतिक स्थिरता और प्रशासनिक बदलाव का असर बिजनेस सेंटीमेंट और पॉलिसी पर पड़ना तय है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.