केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने साफ कर दिया है कि साल 2029 तक सभी 21 NDA शासित राज्यों में यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) लागू कर दिया जाएगा। इस नीति का उद्देश्य शादी, तलाक और विरासत से जुड़े निजी कानूनों को एक समान बनाना है, साथ ही आदिवासी समुदायों की परंपराओं को पूरी तरह सुरक्षित रखा जाएगा।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने देश के सबसे चर्चित विधायी एजेंडे में से एक, यानी यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) के लिए एक पक्का समय तय कर दिया है। उन्होंने घोषणा की है कि 2029 तक इसे सभी 21 एनडीए (NDA) शासित राज्यों में लागू किया जाएगा। इस पहल के जरिए मौजूदा धर्म-आधारित व्यक्तिगत कानूनों को बदलकर विवाह, तलाक, विरासत और गोद लेने से जुड़े नियमों को एक समान बनाया जाएगा।
बड़े बदलाव की तैयारी
सरकार के इस कदम को देश के कानूनी ढांचे में एक बड़े बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है। सरकार का कहना है कि यूनिफॉर्म कोड लाने का मुख्य उद्देश्य एक ऐसी व्यवस्था बनाना है जहां सभी के लिए सिविल मामलों में एक समान नियम हों। यह नीति सरकार के लंबे समय से चल रहे कानूनी सुधारों का हिस्सा है।
आदिवासियों की परंपराएं सुरक्षित
इस नीति का दायरा काफी विस्तृत है, लेकिन सरकार ने स्पष्ट किया है कि इससे आदिवासी समुदायों की परंपराओं या रीति-रिवाजों को कोई नुकसान नहीं होगा। यह स्पष्टीकरण उन चिंताओं को दूर करने के लिए दिया गया है, जिनमें कहा जा रहा था कि एक समान कानून से विशिष्ट सांस्कृतिक प्रथाएं प्रभावित हो सकती हैं।
भविष्य की राह
NDA शासित राज्यों में इस कानून को लागू करना एक बड़ी संरचनात्मक चुनौती है। इसके लिए हर राज्य को अपने स्तर पर विशिष्ट कानून बनाने होंगे। सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि राज्य सरकारें केंद्रीय ढांचे को कैसे अपनाती हैं और अपनी विधानसभाओं में इन विधेयकों को कब तक पेश करती हैं। हालांकि यह कोई मार्केट इवेंट नहीं है, लेकिन देश के सामाजिक और कानूनी परिदृश्य में इसे एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
