जम्मू से अमरनाथ यात्रियों के काफिले को 19 जुलाई 2026 को आगे बढ़ने से रोक दिया गया है। मौसम विभाग की चेतावनी के चलते, यात्रियों को सुरक्षा के मद्देनज़र फिलहाल अपने ठिकानों पर रुकने की सलाह दी गई है।
खराब मौसम का साया, यात्रा रोकी गई
जम्मू प्रशासन ने रविवार, 19 जुलाई 2026 को पवित्र अमरनाथ गुफा की ओर जाने वाले सभी तीर्थयात्री काफिलों की आवाजाही पर तत्काल रोक लगा दी है। यह एहतियाती कदम भगवती नगर यात्री निवास से नए जत्थों को रवाना होने से रोकता है, जो जम्मू आने वाले तीर्थयात्रियों के लिए मुख्य बेस कैंप के रूप में कार्य करता है। यह निर्णय मौसम की चेतावनियों के बाद लिया गया है, जिसमें यात्रा मार्ग पर कठिन मौसम की भविष्यवाणी की गई है, जिससे अधिकारियों ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा को प्राथमिकता दी है।
श्रद्धालुओं को कहां रुकना है?
डिवीजनल कमिश्नर रमेश कुमार ने निर्देश जारी किए हैं कि जम्मू, उधमपुर और रामबन के ट्रांजिट कैंपों में ठहरे तीर्थयात्री फिलहाल अपने वर्तमान स्थानों पर ही रुकें। इन यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे कश्मीर में बालताल और नुनवान बेस कैंप की ओर आगे बढ़ने से पहले आधिकारिक अपडेट का इंतजार करें।
अब तक कितने यात्री कर चुके हैं दर्शन?
यह निलंबन तीर्थयात्रियों के 17वें जत्थे की रवानगी के बाद हुआ है, जिसमें 3,632 श्रद्धालु शामिल थे, जो शनिवार, 18 जुलाई की सुबह सुरक्षा एस्कॉर्ट के साथ भगवती नगर शिविर से रवाना हुए थे। वार्षिक 57-दिवसीय तीर्थयात्रा में अब तक 3.65 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने पवित्र गुफा के दर्शन किए हैं।
आगे कब बढ़ेगी यात्रा?
हालांकि यह वर्तमान रुकावट सुरक्षा प्रोटोकॉल के कारण एक अल्पकालिक परिचालन समायोजन है, लेकिन इस क्षेत्र के पर्यटन और परिवहन क्षेत्र से जुड़े यात्री और लॉजिस्टिक्स प्रदाता इन अपडेट पर कड़ी नजर रखे हुए हैं। प्रशासन के लिए मुख्य ध्यान पहाड़ी इलाकों के माध्यम से तीर्थयात्री प्रवाह का प्रबंधन करना है, जहां मानसून अवधि के दौरान मौसम संबंधी देरी आम बात है। काफिले की आवाजाही का फिर से शुरू होना पूरी तरह से स्थानीय मौसम की स्थिति में सुधार और आने वाले दिनों में सुरक्षा अधिकारियों से हरी झंडी मिलने पर निर्भर करेगा।
