Alkem Laboratories ने Q3 FY26 के लिए अपने वित्तीय नतीजे घोषित किए हैं। इस तिमाही में कंपनी के रेवेन्यू में साल-दर-साल (YoY) 10.7% की जोरदार बढ़ोतरी देखी गई, जो ₹3,736.8 करोड़ पर पहुंच गया। कंपनी की अंतरराष्ट्रीय बिक्री 26.6% की तेजी के साथ प्रदर्शन का मुख्य आकर्षण रही, जबकि डोमेस्टिक सेल्स में 5.5% की ग्रोथ दर्ज की गई।
हालांकि, नेट प्रॉफिट 1.6% बढ़कर ₹636 करोड़ रहा। इस प्रॉफिट ग्रोथ पर भारत के लेबर कोड के नोटिफिकेशन से जुड़ा एक असाधारण व्यय (₹52.8 करोड़) का आंशिक असर पड़ा।
MedTech सेक्टर में बड़ा दांव
इन नतीजों के साथ, Alkem Laboratories ने मेडिकल टेक्नोलॉजी (MedTech) के क्षेत्र में एक बड़ा रणनीतिक कदम उठाया है। कंपनी ने स्विस कंपनी Occlutech Holding AG में 55% की मेजॉरिटी हिस्सेदारी का अधिग्रहण पूरा किया है। इस सौदे के लिए कंपनी ने करीब ₹1,074 करोड़ (EUR 99.40 मिलियन) का निवेश किया है। Occlutech, मिनिमली इनवेसिव कार्डियक इम्प्लांट्स के क्षेत्र में एक वैश्विक लीडर है, जो यूरोप में दूसरी और दुनिया में तीसरी सबसे बड़ी कंपनी है। इस अधिग्रहण का लक्ष्य भारत के तेजी से बढ़ते MedTech बाजार का लाभ उठाना है, जिसके साल 2030 तक $50 बिलियन तक पहुंचने का अनुमान है।
कंपनी को उम्मीद है कि Occlutech अगले 3-5 सालों में लगभग ₹1,000 करोड़ का रेवेन्यू जेनरेट कर सकती है। साथ ही, इसके PFO प्रोडक्ट के साल 2027 के मध्य तक अमेरिका में लॉन्च होने की उम्मीद है।
वित्तीय स्थिति और भविष्य की योजनाएँ
Q3 FY26 में, Alkem का EBITDA ₹828 करोड़ रहा, जो पिछले साल की तुलना में 9% अधिक है, और EBITDA मार्जिन 22.2% दर्ज किया गया। कंपनी अपने डोमेस्टिक बिजनेस को इंडियन फार्मा मार्केट (IPM) की ग्रोथ से 100-150 बेसिस पॉइंट ऊपर ले जाने का लक्ष्य रखती है।
कानूनी चुनौतियाँ
निवेशकों के लिए एक बड़ी चिंता का विषय Amgen के साथ चल रहा कानूनी मुकदमा है। Amgen ने Alkem और उसकी सहायक कंपनियों के खिलाफ Denosumab बायोसिमिलर (Prolia/Xgeva) को लेकर पेटेंट उल्लंघन का दावा ठोका है। इस कानूनी लड़ाई की वजह से Alkem के Denosumab बायोसिमिलर के अमेरिका में लॉन्च होने की संभावना साल 2026 के बाद तक टल सकती है, जो कंपनी के बायोसिमिलर पोर्टफोलियो के लिए एक प्रमुख ग्रोथ इंजन साबित हो सकता था।