Air India का बड़ा संकट: **₹22,238 करोड़** का घाटा, अब **$1.5 अरब** की नई पूंजी की दरकार

OTHER
Whalesbook Logo
AuthorAditya Rao|Published at:
Air India का बड़ा संकट: **₹22,238 करोड़** का घाटा, अब **$1.5 अरब** की नई पूंजी की दरकार

Air India अपने टर्नअराउंड प्लान को रफ्तार देने के लिए प्रमोटर्स से **$1.5 अरब** की नई इक्विटी जुटाने की तैयारी में है। FY2026 में कंपनी को **₹22,238 करोड़** का भारी-भरकम रिकॉर्ड नुकसान हुआ है।

आर्थिक हालात और फंडिंग की जरूरत

एयरलाइन का नुकसान पिछले साल के मुकाबले दोगुना से भी ज्यादा हो गया है। कंपनी अपने ऑपरेशंस को स्थिर करने और महत्वाकांक्षी टर्नअराउंड प्लान को पूरा करने के लिए प्रमोटर्स से बड़ी रकम मांग रही है। टाटा संस की सब्सिडियरी होने के नाते, एयरलाइन फिलहाल 5 से 10 साल की एक जटिल रिस्ट्रक्चरिंग रणनीति पर काम कर रही है। इसमें पुराने फ्लीट को बदलना, टेक्नोलॉजी को अपडेट करना और सर्विस क्वालिटी को सुधारना शामिल है, जो काफी महंगा साबित हो रहा है।

लीडरशिप और स्टेकहोल्डर्स की भूमिका

नए CEO और मैनेजिंग डायरेक्टर Tewolde Gebremariam इस चुनौतीपूर्ण दौर में कंपनी का नेतृत्व कर रहे हैं। टाटा संस और 25.1% हिस्सेदारी रखने वाली Singapore Airlines प्रमुख स्टेकहोल्डर्स हैं। खबरों के अनुसार, टाटा संस बोर्ड ने ₹10,000 करोड़ से अधिक की पूंजी डालने के लिए सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है, लेकिन अंतिम फंडिंग एक ठोस बिजनेस मॉडल पेश करने पर टिकी है।

चुनौतियां और जोखिम

कंपनी के सामने केवल घाटा ही नहीं, बल्कि ग्लोबल सप्लाई चेन में आ रही रुकावटें भी हैं, जिससे नए विमानों के शामिल होने में देरी हो रही है। साथ ही, कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और भू-राजनीतिक तनाव (geopolitical tensions) ने हवाई मार्गों पर भी असर डाला है। फिलहाल निवेशकों की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि कंपनी अपनी कैश बर्न की रफ्तार को कितनी जल्दी कम कर पाती है और कब तक यह भारी निवेश मुनाफे में तब्दील हो पाता है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.