भारी नुकसान के बीच Air India अब एक बड़े बदलाव की ओर बढ़ रही है। कंपनी Singapore Airlines से नए CFO को नियुक्त करने पर विचार कर रही है ताकि एयरलाइन के टर्नअराउंड प्लान में सख्त वित्तीय अनुशासन लाया जा सके।
भारी नुकसान का दबाव
एयर इंडिया इस समय वित्तीय मोर्चे पर एक चुनौतीपूर्ण दौर से गुजर रही है। फाइनेंशियल ईयर 2026 (FY26) में कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट लॉस बढ़कर ₹22,238 करोड़ पहुंच गया है। इस भारी भरकम नुकसान के पीछे AI171 दुर्घटना, भू-राजनीतिक (geopolitical) तनाव और एसेट इंपेयरमेंट जैसे कई बड़े कारण रहे हैं।
क्यों Singapore Airlines की दखल बढ़ रही है?
एयर इंडिया में 25.1% हिस्सेदारी रखने वाली Singapore Airlines अब कंपनी के कामकाज और वित्तीय फैसलों में ज्यादा नियंत्रण चाहती है। रिपोर्ट के अनुसार, Singapore Airlines को अपने निवेश पर S$ 945.2 मिलियन का नुकसान उठाना पड़ा है, जो एयर इंडिया में उनकी हिस्सेदारी से जुड़ा है। अब वे अपने किसी अनुभवी एग्जीक्यूटिव को CFO बनाकर कंपनी के खर्चों और मैनेजमेंट पर सीधी नजर रखना चाहते हैं।
टाटा ग्रुप की चुनौती
हाल ही में 1 अक्टूबर, 2026 को Tewolde Gebremariam ने CEO और मैनेजिंग डायरेक्टर का पद संभाला है। टाटा ग्रुप की तरफ से जुलाई में ₹10,000 करोड़ की पूंजी डालने के बावजूद, कंपनी का कैश बर्न (Cash Burn) एक बड़ी समस्या बनी हुई है। अब देखना यह है कि मैनेजमेंट में हो रहे ये बदलाव क्या एयरलाइन की बैलेंस शीट को पटरी पर लाने में कारगर साबित होंगे या फिर टाटा और पार्टनर के बीच तनाव को और बढ़ाएंगे।
