Air India Express ने सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन न करने के कारण अपने 8 क्रू मेंबर्स को **3 महीने** के लिए सस्पेंड कर दिया है। यह कार्रवाई फ्लाइट के बाद अनिवार्य ब्रेथलाइजर टेस्ट में देरी के चलते की गई है।
मामला 2 अगस्त की दुबई से अमृतसर आने वाली फ्लाइट का है। क्रू मेंबर्स को फ्लाइट के बाद 2 घंटे के भीतर अनिवार्य ब्रेथलाइजर टेस्ट पूरा करना था, लेकिन वे 35 मिनट देरी से पहुंचे। हालांकि, बाद में हुई जांच में किसी भी क्रू मेंबर के नशे में होने की पुष्टि नहीं हुई, फिर भी एयरलाइन ने इसे गंभीरता से लेते हुए खुद ही DGCA को रिपोर्ट किया।
टाटा ग्रुप की सख्ती
टाटा ग्रुप के स्वामित्व वाली Air India Express अब सुरक्षा मानकों को लेकर कोई समझौता करने के मूड में नहीं है। हाल ही में फुकेत से दिल्ली आ रही एक फ्लाइट के दौरान हुए हादसे के बाद, जिसमें पायलट नशे में पाया गया था, एयरलाइन ने अपनी टेस्टिंग पॉलिसी को और कड़ा कर दिया है। अब ट्रेनिंग सेशन और पोस्ट-फ्लाइट ब्रीफिंग के दौरान भी रैंडम चेकिंग बढ़ाई जा रही है।
एविएशन सेक्टर में बदलाव की आहट
सिर्फ Air India Express ही नहीं, बल्कि पूरा एविएशन सेक्टर अब रडार पर है। केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री के. राममोहन नायडू ने संकेत दिए हैं कि सरकार जल्द ही पायलटों के लिए 'एनुअल मैंडेटरी डोप टेस्ट' लागू करने पर विचार कर रही है। इससे रैंडम टेस्टिंग की जगह नियमित जांच का सिस्टम आएगा, जिसका मकसद ऑपरेशनल रिस्क को कम करना है।
निवेशकों के लिए सबक
एक्सपर्ट्स का मानना है कि इन सख्त नियमों का असर एयरलाइंस के ऑपरेशनल खर्च पर पड़ सकता है, क्योंकि कंप्लायंस और ऑडिटिंग की जरूरतें बढ़ेंगी। InterGlobe Aviation जैसी लिस्टेड कंपनियों के लिए भी रेगुलेटरी कंप्लायंस अब सबसे बड़ी चुनौती है, क्योंकि सुरक्षा में कोई भी चूक न केवल रेपुटेशन खराब कर सकती है, बल्कि भविष्य में सख्त रेगुलेटरी कार्रवाई का कारण भी बन सकती है।
