Ahmedabad Firecracker Blast: अवैध फैक्ट्री में 9 की मौत, 3 पार्टनर गिरफ्तार!

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
Ahmedabad Firecracker Blast: अवैध फैक्ट्री में 9 की मौत, 3 पार्टनर गिरफ्तार!

अहमदाबाद के रामोल इलाके में एक अवैध पटाखा बनाने वाली फैक्ट्री में भीषण धमाका हुआ है। इस हादसे में अब तक **9** लोगों की जान जा चुकी है और **6** लोग घायल बताए जा रहे हैं। पुलिस ने इस मामले में फैक्ट्री के **3** पार्टनर को गिरफ्तार कर लिया है।

क्या हुआ था?

यह हादसा एक टिन शेड में चल रही पटाखा निर्माण इकाई में हुआ। शुरुआती जांच में पता चला है कि यह यूनिट बिना किसी वैध लाइसेंस के चलाई जा रही थी। अधिकारियों का कहना है कि इस यूनिट का पिछला लाइसेंस मार्च में ही एक्सपायर हो गया था। बावजूद इसके, पिछले करीब 20 दिनों से यहां प्रोडक्शन फिर से शुरू कर दिया गया था। माना जा रहा है कि गणेश उत्सव के नजदीक आते ही सीजनल डिमांड का फायदा उठाने के लिए ऑपरेटर्स ने चोरी-छिपे काम शुरू किया था।

गिरफ्तारियां और कानूनी कार्रवाई

पुलिस ने इस सिलसिले में फैक्ट्री के तीन पार्टनर - रामिलाबेन डोडीया, उनके बेटे मेहुल डोडीया और बिजनेस पार्टनर सादिक सईयद को हिरासत में ले लिया है। घायलों का इलाज अहमदाबाद सिविल हॉस्पिटल में चल रहा है। गिरफ्तार लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता और विस्फोटक पदार्थ अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। इन पर गैर-इरादतन हत्या और ज्वलनशील पदार्थों की लापरवाही से हैंडलिंग जैसे आरोप लगाए गए हैं।

पिछली घटनाओं का भी है इतिहास

चौंकाने वाली बात यह है कि इस लोकेशन और इन ऑपरेटर्स का सुरक्षा नियमों के उल्लंघन से पुराना नाता रहा है। रिकॉर्ड बताते हैं कि रामिलाबेन डोडीया को साल 2014 में भी इसी जगह हुए एक हादसे के बाद गिरफ्तार किया गया था, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई थी और उनका लाइसेंस रद्द कर दिया गया था। इसके बाद 2020 में मेहुल डोडीया के नाम पर नया लाइसेंस जारी हुआ था, जो अब एक्सपायर हो चुका था और उसका रिन्यूअल भी नहीं कराया गया था, जिसके चलते यह यूनिट अवैध रूप से चल रही थी।

आगे की जांच

पुलिस अब गिरफ्तार पार्टनर के अलावा जमीन के मालिक और उन संभावित फाइनेंसरों की भूमिका की भी जांच कर रही है, जिन्होंने इस अवैध ऑपरेशन को फंड किया हो सकता है। इस दिल दहला देने वाली घटना ने इलाके में औद्योगिक सुरक्षा नियमों के पालन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, खासकर उन यूनिट्स के बारे में जो बंद करने के आदेश के बावजूद या लाइसेंस एक्सपायर होने के बाद भी चल रही हैं। जांच का अगला चरण ऑपरेशन के पूरे पैमाने का पता लगाने पर केंद्रित होगा।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.