Advit Jewels का ₹165.16 करोड़ का IPO आज, 23 जून 2026 को खुला और पहले ही दिन निवेशकों ने इस पर खूब प्यार बरसाया। पहले दिन IPO 2.58 गुना सब्सक्राइब हुआ। नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (NII) और रिटेल निवेशकों ने बोली में सबसे ज्यादा हिस्सा लिया। वहीं, ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) ₹65 के आसपास है, जो करीब 47% के लिस्टिंग गेन का संकेत दे रहा है। निवेशक कंपनी के कर्ज घटाने और ज्वेलरी पोर्टफोलियो बढ़ाने की योजना में दिलचस्पी दिखा रहे हैं।
क्या हुआ?
Advit Jewels का इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) 23 जून 2026 को सब्सक्रिप्शन के लिए खुला और निवेशकों की ओर से इसे जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली। कंपनी इस पब्लिक इश्यू के जरिए ₹165.16 करोड़ जुटाना चाहती है। पहले दिन के अंत तक, IPO 2.58 गुना सब्सक्राइब हो गया था, जिसमें पेश किए गए 83.79 लाख शेयरों के मुकाबले 2.16 करोड़ शेयरों के लिए बोलियां आईं। ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) फिलहाल ₹65 प्रति शेयर के आसपास बना हुआ है, जो बाजार की उम्मीदों के मुताबिक अपर प्राइस बैंड ₹138 पर लगभग 47% का लिस्टिंग गेन मिलने का संकेत देता है।
निवेशकों की मांग का हाल
मांग मुख्य रूप से नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (NII) और रिटेल इंडिविजुअल इन्वेस्टर्स की ओर से आई। NII सेगमेंट, जिसमें आमतौर पर हाई-नेट-वर्थ इंडिविजुअल्स और कॉर्पोरेट निवेशक शामिल होते हैं, 4.86 गुना सब्सक्राइब हुआ, जो सबसे ज्यादा उत्साह दिखाता है। रिटेल निवेशकों ने भी सक्रिय रूप से भाग लिया और अपने हिस्से को 3.08 गुना सब्सक्राइब किया। इसके विपरीत, क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIBs) पहले दिन के शुरुआती घंटों में सतर्क दिखे, उनके रिजर्व कोटे का बहुत छोटा हिस्सा ही सब्सक्राइब हुआ। यह कई IPOs में एक आम पैटर्न है जहां इंस्टीट्यूशनल निवेशक ट्रेंड का मूल्यांकन करने से पहले अंतिम दिन तक इंतजार करते हैं।
फाइनेंशियल पोजीशन और कर्ज घटाने की रणनीति
Advit Jewels ने इस IPO को 1.20 करोड़ इक्विटी शेयरों के फ्रेश इश्यू के तौर पर स्ट्रक्चर किया है। कंपनी ने स्पष्ट रूप से कहा है कि वह इस इश्यू से जुटाई गई रकम का इस्तेमाल अपने बैलेंस शीट को मजबूत करने के लिए करेगी। इसका एक बड़ा हिस्सा बकाया कर्ज को पूरी तरह से चुकाने के लिए आरक्षित है। निवेशकों के लिए, कर्ज कम करना अक्सर एक सकारात्मक कदम माना जाता है क्योंकि इससे फाइनेंस कॉस्ट और इंटरेस्ट का बोझ कम होता है, जिससे आने वाली तिमाहियों में नेट प्रॉफिट मार्जिन में सुधार हो सकता है। ₹138 के इश्यू प्राइस पर, कंपनी का वैल्यूएशन FY26 के नौ महीनों के लिए उसके एनुअलाइज्ड अर्निंग्स के मुकाबले लगभग 18.6 गुना है।
बिजनेस रिस्क और सेक्टर की असलियत
हालांकि सब्सक्रिप्शन नंबर सकारात्मक हैं, निवेशकों को ज्वेलरी सेक्टर के अंतर्निहित जोखिमों पर भी विचार करना चाहिए। इस इंडस्ट्री की कंपनियों को उच्च वर्किंग कैपिटल की आवश्यकता होती है क्योंकि उन्हें सोने और कीमती पत्थरों के रूप में काफी मात्रा में इन्वेंट्री रखनी पड़ती है। सोने की कीमतों में बदलाव सीधे तौर पर इस इन्वेंट्री के मूल्य को प्रभावित करता है और प्रॉफिट मार्जिन को भी असर डाल सकता है। इसके अलावा, ज्वेलरी रिटेल स्पेस अत्यधिक प्रतिस्पर्धी है, जिसमें बड़े स्थापित राष्ट्रीय चेन्स और असंगठित स्थानीय खिलाड़ियों का विशाल नेटवर्क दोनों शामिल हैं। कंपनी की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि वह इन्वेंट्री को कुशलतापूर्वक कैसे मैनेज करती है और विभिन्न क्षेत्रों में अपनी ब्रांड उपस्थिति को कैसे बढ़ाती है।
आगे क्या देखें?
सब्सक्रिप्शन विंडो 25 जून 2026 तक खुली रहेगी। निवेशकों को अगले दो दिनों में QIBs से अंतिम सब्सक्रिप्शन आंकड़ों पर नजर रखनी चाहिए, क्योंकि यह अक्सर लिस्टिंग की दिशा तय करता है। कंपनी को 29 जून 2026 तक शेयरों के अलॉटमेंट को अंतिम रूप देने की उम्मीद है। स्टॉक 1 जुलाई 2026 को नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर डेब्यू करने वाला है।
