Adani University अपने अहमदाबाद कैंपस में एक नया सेमीकंडक्टर ट्रेनिंग सेंटर शुरू करने जा रही है। इसका मुख्य मकसद चिप डिजाइन, मैन्युफैक्चरिंग और पैकेजिंग के क्षेत्र में भारत में टैलेंट की कमी को दूर करना है।
Adani University ने अपने आने वाले अहमदाबाद कैंपस में सेमीकंडक्टर-केंद्रित ट्रेनिंग प्रोग्राम शुरू करने की घोषणा की है। इस पहल के जरिए यूनिवर्सिटी चिप डिजाइन, मैन्युफैक्चरिंग प्रोसेस और पैकेजिंग टेक्नोलॉजी जैसे जटिल विषयों पर छात्रों को तैयार करेगी, ताकि वे घरेलू इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग इंडस्ट्री की जरूरतों को पूरा कर सकें।
टैलेंट डेवलपमेंट पर जोर
डॉ. प्रीति अडानी के नेतृत्व में यह पहल मुख्य रूप से 'ह्यूमन कैपिटल' को मजबूत करने पर केंद्रित है। यूनिवर्सिटी का प्लान एक 'डुअल अप्रोच' अपनाने का है, जिसमें नए छात्रों के लिए फाउंडेशन ट्रेनिंग के साथ-साथ उन प्रोफेशनल लोगों के लिए एग्जीक्यूटिव एजुकेशन भी शामिल होगी जो पहले से ही इंडस्ट्री में काम कर रहे हैं। इसका लक्ष्य इंजीनियरों और तकनीशियनों की एक ऐसी पाइपलाइन तैयार करना है जो हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग के लिए जरूरी है।
अभी भी कई सवालों के जवाब बाकी
यूनिवर्सिटी ने अपनी रणनीतिक योजना तो साझा कर दी है, लेकिन इसके ऑपरेशनल ब्लूप्रिंट पर अभी भी सस्पेंस बना हुआ है। अब तक प्रोजेक्ट के लिए कुल कैपिटल एक्सपेंडिचर (CapEx), निर्माण की समयसीमा, या सालाना छात्रों की संख्या जैसे महत्वपूर्ण आंकड़ों का खुलासा नहीं हुआ है। इसके अलावा, अभी तक किसी भी इंडस्ट्रियल पार्टनर या लेबोरेटरी की टेक्निकल स्पेसिफिकेशन्स की जानकारी भी सामने नहीं आई है। अडानी ग्रुप के हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग की दिशा में बढ़ते कदमों को देखते हुए, निवेशकों की नजर इन डीटेल्स पर बनी रहेगी।
सेक्टर का नजरिया
भारत सरकार 'India Semiconductor Mission' के जरिए देश में चिप मैन्युफैक्चरिंग को तेजी से बढ़ावा दे रही है। हालांकि, सबसे बड़ी चुनौती कुशल कार्यबल की उपलब्धता है। ऐसे में किसी भी यूनिवर्सिटी की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि वह कितनी अनुभवी फैकल्टी और वर्ल्ड-क्लास लैब सुविधाएं जुटा पाती है।
