Adani Ports ने यूरोप की कंपनी Evos Terminals को खरीदने के लिए **$3.3 बिलियन** की बाइंडिंग बिड लगाई है। यह कदम कंपनी की एनर्जी ट्रांजिशन और सस्टेनेबल फ्यूल इंफ्रास्ट्रक्चर में पैठ जमाने की बड़ी रणनीति का हिस्सा है।
यूरोप में विस्तार की तैयारी
Adani Ports and Special Economic Zones (APSEZ) ने यूरोप के लिक्विड स्टोरेज मार्केट में अपनी धाक जमाने के लिए कदम बढ़ा दिए हैं। कंपनी ने Evos Terminals के लिए $3.3 बिलियन की बाइंडिंग बिड सबमिट की है। इस सौदे के तहत यूरोप के 5 देशों में फैले 8 टर्मिनल शामिल हैं, जिनकी कुल स्टोरेज क्षमता 6.4 मिलियन क्यूबिक मीटर है।
सस्टेनेबल एनर्जी पर फोकस
यह अधिग्रहण कंपनी के भविष्य के विजन को दर्शाता है। Evos मुख्य रूप से बायो-डीजल, सस्टेनेबल एविएशन फ्यूल और ई-मेथनॉल जैसे एनर्जी प्रोडक्ट्स को स्टोर करती है। इस डील के जरिए APSEZ पारंपरिक कार्बन-हैवी फ्यूल पर अपनी निर्भरता कम कर ग्लोबल एनर्जी ट्रांजिशन के साथ खुद को अलाइन कर रही है।
कड़ी प्रतिस्पर्धा और ग्लोबल प्लेयर
Morgan Stanley की निगरानी में हो रही इस नीलामी प्रक्रिया में मुकाबला काफी कठिन है। इसमें KKR, EQT और Blackstone जैसे बड़े ग्लोबल प्राइवेट इक्विटी ग्रुप्स भी रेस में शामिल हैं। Evos की वर्तमान मालिक Igneo Infrastructure Partners के अनुसार, इन एसेट्स से 2025 में €200 मिलियन का EBITDA जनरेट होने का अनुमान है।
निवेशकों के लिए जोखिम और मौके
APSEZ फिलहाल दुनिया भर में करीब 20 अलग-अलग एसेट्स पर विचार कर रही है, जो उसकी अंतरराष्ट्रीय विस्तार की भूख को दिखाता है। हालांकि, इतने बड़े सौदे के साथ एग्जीक्यूशन रिस्क और बैलेंस शीट पर पड़ने वाले असर पर निवेशकों की पैनी नजर होगी। कर्ज का प्रबंधन और नई संस्कृति में ऑपरेशंस का तालमेल बिठाना कंपनी के लिए सबसे बड़ी चुनौती साबित हो सकता है। फिलहाल यह डील फाइनल बातचीत और रेगुलेटरी मंजूरी के अधीन है।
