Adani Group Stocks: बड़ी राहत! अमेरिकी कोर्ट से मिली क्लीन चिट, शेयर चढ़े

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AuthorMehul Desai|Published at:
Adani Group Stocks: बड़ी राहत! अमेरिकी कोर्ट से मिली क्लीन चिट, शेयर चढ़े

Adani Group की कंपनियों के शेयरों में आज अच्छी तेजी देखने को मिली। अमेरिकी अदालत द्वारा चेयरमैन गौतम अडानी और टॉप एग्जीक्यूटिव्स के खिलाफ क्रिमिनल फ्रॉड के आरोप खारिज किए जाने के बाद शेयरों में **3%** तक का उछाल आया। इस फैसले से कंपनी को बड़ी कानूनी चुनौती से राहत मिली है।

अमेरिकी अदालत का बड़ा फैसला

10 अगस्त, 2026 को अमेरिका की एक फेडरल कोर्ट ने Adani Group के लिए एक बड़ी राहत का ऐलान किया। कोर्ट ने ग्रुप के चेयरमैन गौतम अडानी, सागर अडानी और वीनीत जैन के खिलाफ सिक्योरिटीज और वायर फ्रॉड के क्रिमिनल चार्जेस को खारिज कर दिया है। यह फैसला US डिस्ट्रिक्ट जज निकोलस गारौफिस ने 'विद प्रेजुडिस' (यानी दोबारा इन आरोपों पर केस नहीं हो सकता) के तौर पर सुनाया, जिससे 2024 के अंत में शुरू हुई यह हाई-प्रोफाइल कानूनी लड़ाई अब खत्म हो गई है। इस खबर के आते ही Adani Enterprises और Adani Green Energy जैसी ग्रुप की मुख्य कंपनियों के शेयरों में 3% तक की बढ़ोतरी देखी गई।

गौतम अडानी का बड़ा बयान: 'विश्वास किसी भी कानूनी अधिकार से बड़ा है'

कोर्ट के फैसले के तुरंत बाद, गौतम अडानी ने कर्मचारियों और पार्टनर्स को संबोधित करते हुए कहा, 'मुश्किल वक्त में लचीलापन बहुत ज़रूरी है।' उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि कानूनी प्रक्रिया भले ही खत्म हो गई हो, लेकिन ग्रुप का मुख्य ध्यान हमेशा अपने स्टेकहोल्डर्स के प्रति अपनी प्रतिबद्धताओं को पूरा करने पर रहेगा। इस बयान का मकसद निवेशकों और कर्मचारियों को भरोसा दिलाना था कि ग्रुप अब कानूनी अनिश्चितताओं से बाहर निकल रहा है, जिनका असर पहले बाजार की धारणा पर पड़ रहा था।

अडानी ने ग्रुप के 2023 के फॉलो-ऑन पब्लिक ऑफर (FPO) को वापस लेने जैसे ऐतिहासिक फैसलों पर भी बात की, जो उस वक्त Intense Scrutiny के चलते लिया गया था। उन्होंने कहा कि इन चुनौतियों ने ग्रुप को आत्मनिरीक्षण का मौका दिया, जिससे ऑपरेशन्स को बेहतर बनाने और 'विकसित भारत' विजन के अनुरूप राष्ट्र-निर्माण गतिविधियों पर फोकस करने में मदद मिली।

कंपनी की वित्तीय स्थिति और भविष्य की योजनाएं

कानूनी मोर्चे के अलावा, Adani Group अपनी वित्तीय सेहत को मजबूत करने में भी जुटा हुआ है। FY26 की हालिया परफॉरमेंस रिपोर्ट्स के अनुसार, ग्रुप ने अपने लेवरेज को मैनेज करने में सफलता हासिल की है। ग्रुप का नेट डेट-टू-EBITDA रेशियो 3.3x रहा, जो 3.5x के गाइडेंस सीलिंग के अंदर है। डेट (Debt) के प्रति यह अनुशासित तरीका निवेशकों के लिए एक अहम निगरानी बिंदु है, क्योंकि ग्रुप अपने मुख्य इंफ्रास्ट्रक्चर-LED बिजनेस मॉडल की ओर बढ़ रहा है।

Adani Enterprises ने भी अपने लेटेस्ट फाइलिंग्स में ग्रोथ दिखाई है, कंपनी ने रिकॉर्ड तिमाही EBITDA और कुल आय दर्ज की है। कंपनी की रणनीति बड़े पैमाने की इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं पर केंद्रित है, जिनके लिए लगातार कैपिटल एक्सपेंडिचर (Capital Expenditure) और निष्पादन की आवश्यकता होती है। ग्रुप की कानूनी कार्यवाही के बीच इन ऑपरेशन्स को बनाए रखने की क्षमता मैनेजमेंट के हालिया संचार का एक मुख्य विषय रही है।

आगे के जोखिम और निगरानी

हालांकि क्रिमिनल केस खारिज हो गया है, लेकिन निवेशकों को यह ध्यान रखना चाहिए कि ग्रुप पूरी तरह से कानूनी और ऑपरेशनल निगरानी से मुक्त नहीं है। जबकि ये विशेष क्रिमिनल चार्जेस दोबारा दाखिल नहीं किए जा सकते, ग्रुप अभी भी सामान्य बाजार की अस्थिरता, रेगुलेटरी ओवरसाइट और US सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज कमीशन (SEC) जैसी समानांतर सिविल कार्यवाही से संभावित नतीजों के अधीन है।

इसके अलावा, ग्रुप के मुख्य इंफ्रास्ट्रक्चर बिजनेस की कैपिटल-इंटेंसिव प्रकृति का मतलब है कि निष्पादन में देरी, लागत में बढ़ोतरी और डेट सर्विसिंग की ज़रूरतें मुख्य जोखिम बने रहेंगे। अगले चरण के लिए, निवेशक संभवतः ग्रुप की विशाल कैपिटल एक्सपेंडिचर योजनाओं पर प्रगति और वैश्विक आर्थिक माहौल में बदलाव के बीच स्थिर प्रॉफिट मार्जिन बनाए रखने की क्षमता पर नज़र रखेंगे।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.