Adani Group: अमेरिकी कोर्ट से क्लीन चिट! अब ग्रोथ पर फोकस, ₹94,834 Cr का रिकॉर्ड EBITDA

OTHER
Whalesbook Logo
AuthorNeha Patil|Published at:
Adani Group: अमेरिकी कोर्ट से क्लीन चिट! अब ग्रोथ पर फोकस, ₹94,834 Cr का रिकॉर्ड EBITDA

अडानी ग्रुप के लिए एक बड़ी राहत भरी खबर आई है। अमेरिकी संघीय अदालत ने ग्रुप के लीडर्स के खिलाफ क्रिमिनल चार्ज (Criminal Charges) खारिज कर दिए हैं। इसके बाद, कंपनी ने वितीय वर्ष 2026 (FY26) के शानदार नतीजे पेश किए हैं, जिसमें रिकॉर्ड **₹94,834 करोड़** का EBITDA दर्ज किया गया है। अब निवेशकों की नजर कंपनी की **₹1,52,967 करोड़** की कैपिटल एक्सपेंडिचर (Capital Expenditure) योजनाओं के एग्जीक्यूशन पर रहेगी।

कानूनी दांवपेच खत्म, अब बिजनेस पर ध्यान

अडानी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक ज़ोन (APSEZ) के मैनेजिंग डायरेक्टर, करण अडानी ने अपने पिता गौतम अडानी के नेतृत्व की सराहना की है, खासकर तब जब ग्रुप दुनिया भर की नजरों में था। यह बयान उस वक्त आया है जब ग्रुप को एक बड़ी कानूनी जीत मिली है। 11 अगस्त, 2026 को, एक अमेरिकी संघीय अदालत ने गौतम अडानी, सागर अडानी और अन्य अधिकारियों के खिलाफ लगाए गए क्रिमिनल सिक्योरिटीज और वायर फ्रॉड (Criminal Securities and Wire Fraud) के आरोपों को खारिज कर दिया। इसने ग्रुप के लिए एक हाई-प्रोफाइल कानूनी चुनौती को प्रभावी ढंग से खत्म कर दिया है।

रिकॉर्ड EBITDA से बाजार को संदेश

कानूनी फैसले के अलावा, अडानी ग्रुप अब अपने ऑपरेशनल परफॉरमेंस पर ध्यान केंद्रित कर रहा है। वितीय वर्ष 2026 के लिए, ग्रुप ने ₹94,834 करोड़ का रिकॉर्ड पोर्टफोलियो EBITDA दर्ज किया है। इस ग्रोथ में APSEZ का बड़ा योगदान रहा है, जिसने पिछले साल की तुलना में 25% की बढ़ोतरी के साथ ₹38,736 करोड़ का रेवेन्यू दर्ज किया। यह वित्तीय आंकड़ा ग्रुप के लिए सालों से चली आ रही मीडिया और रेगुलेटरी जांचों का एक मजबूत जवाब है।

निवेशकों के लिए नई चुनौती: एग्जीक्यूशन रिस्क

अब निवेशकों का ध्यान कानूनी अनिश्चितता से हटकर एग्जीक्यूशन रिस्क (Execution Risk) पर केंद्रित हो गया है। कंपनी ने बड़े पैमाने पर कैपिटल स्पेंडिंग (Capital Spending) की घोषणा की है, जिसके तहत FY26 में कुल ₹1,52,967 करोड़ के निवेश की योजना है। हालांकि अमेरिकी आरोपों का हटना एक बड़ी राहत है, लेकिन यह ध्यान देने योग्य है कि यूएस डिस्ट्रिक्ट जज निकोलस गारौफिस ने डिपार्टमेंट ऑफ जस्टिस (Department of Justice) द्वारा मामले को संभालने के तरीके पर चिंता व्यक्त की थी। यह दर्शाता है कि भले ही क्रिमिनल मामला बंद हो गया हो, ग्रुप अभी भी हाई रेगुलेटरी और मीडिया अटेंशन के माहौल में काम कर रहा है।

आगे का रास्ता

शेयरधारकों के लिए मुख्य फोकस अब इस बात पर है कि कंपनी इन विस्तार योजनाओं को लगातार कमाई में कैसे बदल पाती है। वर्तमान में 3.3x के नेट डेट/EBITDA रेशियो (Net Debt/EBITDA Ratio) के साथ, मैनेजमेंट की तेज इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट (Infrastructure Development) और अनुशासित फाइनेंशियल लीवरेज (Financial Leverage) को संतुलित करने की क्षमता एक केंद्रीय विषय बनी हुई है। आने वाले तिमाही नतीजे यह ट्रैक करने के लिए महत्वपूर्ण होंगे कि क्या इन भारी-भरकम कैपिटल इन्वेस्टमेंट (Capital Investments) के साथ मजबूत EBITDA ग्रोथ का रुझान जारी रहता है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.